रतनगढ़ , 23 सितंबर 2025: नवरात्रि के पवित्र अवसर पर, जब लोग दशहरा और दीपावली की तैयारियों में जुटे हैं, रतनगढ़ नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने बकाया वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के एरियर की मांग को लेकर आज से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो रक्षाबंधन की तरह उनके आगामी त्योहार भी निराशा में बीत सकते हैं। हड़ताल का कारण और मांगें सफाई कर्मचारियों ने बताया कि 26 अगस्त 2025 को उन्होंने नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पिछले 3-4 महीनों के बकाया वेतन और DA एरियर (2-3 या 5 प्रतिशत) का एकमुश्त भुगतान करने की मांग की थी। कर्मचारियों का कहना है कि रक्षाबंधन से लेकर नवरात्रि तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक कर्मचारी ने कहा, “त्योहारों के समय हमारा वेतन और एरियर अटका हुआ है। नगर परिषद के जिम्मेदार हमारी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे। मजबूरन हमें हड़ताल शुरू करनी पड़ी।” मुख्य मांगें: पिछले 3-4 महीनों के बकाया वेतन का तत्काल एकमुश्त भुगतान। दैनिक वेतन भोगी, स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों के DA एरियर का भुगतान। नियमित वेतन और बेहतर कार्यस्थितियों की व्यवस्था। हड़ताल का प्रभाव कर्मचारियों ने आज (23 सितंबर 2025) से पूरे शहर की सफाई कार्य बंद कर दिया है और नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। इससे कचरा संग्रहण ठप हो गया है, जिससे त्योहारी मौसम में स्वच्छता संबंधी समस्याएं और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। स्थानीय निवासियों को कचरा निपटान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। कर्मचारियों की पीड़ा कर्मचारियों का कहना है कि बकाया वेतन के अभाव में उनके परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। “रक्षाबंधन खाली जेब गुजरा, अब दशहरा और दीपावली भी बिना पैसे के मनाने पड़ेंगे,” एक कर्मचारी ने निराशा जताई। कई कर्मचारी कर्ज में डूबे हैं और त्योहारी खर्चों के लिए परेशान हैं। प्रशासन की चुप्पी नगर परिषद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे धरने को और तेज करेंगे। इससे पहले भी मई 2025 में रतनगढ़ में सफाई कर्मचारियों ने इसी तरह की मांगों को लेकर हड़ताल की थी, जिसका समाधान कुछ समय बाद हुआ था। व्यापक संदर्भ राजस्थान में सफाई कर्मचारियों के वेतन और कार्यस्थितियों को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। हाल ही में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) का कार्यकाल मार्च 2028 तक बढ़ाया है, जो ऐसी शिकायतों के समाधान में मदद कर सकता है। लेकिन स्थानीय स्तर पर बजट और प्रशासनिक लापरवाही के कारण ये समस्याएं बार-बार उभर रही हैं। आगे क्या? अब सवाल यह है कि क्या नगर परिषद समय रहते कर्मचारियों की जायज मांगें पूरी कर पाएगी? या रतनगढ़ के सफाई कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में भी निराशा का सामना करना पड़ेगा? प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और संवाद की उम्मीद की जा रही है, ताकि शहर की स्वच्छता और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति दोनों सुधर सकें। शहरवासियों से अपील है कि वे सफाई व्यवस्था के लिए सावधानी बरतें। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कनकेश्वरी देवी गरबा आयोजन में मेले को लेकर विवाद खड़ा हो गया वर्ग विशेष के ठेकेदार को ठेका दिए जाने पर मचा बवाल राजनैतिक व्यंग्य-समागम