भीटी से बरहदी पतौता पहुंच मार्ग हुआ बाधित साइकिल से और पैदल चलना हुआ मुश्किल, जिम्मेदार खामोश भीटी से बरहदी पतौता पहुंच मार्ग हुआ बाधितसाइकिल से और पैदल चलना हुआ मुश्किल, जिम्मेदार खामोशरीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भीटी से पतौता बरहदी पहुंच मार्ग बारिश के कारण बाधित हो गया है, जिससे ग्रामवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।सरकार, मंत्री, विधायक और सांसद अक्सर दावा करते हैं कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। भीटी मुख्य मार्ग से ग्राम पंचायत पतौता और बरहदी तक पहुंच मार्ग की कमी के कारण ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। जगह-जगह सड़कें टूटने से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रीवा और अस्पताल जाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनीग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत, जिला सीईओ, विधायक और सांसद से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। बीमारी के कारण अस्पताल न पहुंच पाने से दो लोगों की मौत हो चुकी है।#### सामाजिक प्रभावमहिलाओं ने बताया कि सड़क की कमी के कारण सामाजिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं। दूसरे गांवों के लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करने से हिचक रहे हैं, क्योंकि सड़क की स्थिति बेहद खराब है। विधायक और प्रशासन की उदासीनतागुढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक नागेंद्र सिंह के कार्यकाल में भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है। विधायक द्वारा जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाते हैं और विकास के लिए बजट स्वीकृत होने का दावा किया जाता है, लेकिन इस बजट का उपयोग कहां होता है, यह स्पष्ट नहीं है। View this post on Instagram जिम्मेदारों का गैर-जिम्मेदाराना रवैयाजब इस संबंध में जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के सीईओ संजय कुमार सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने अड़ियल रवैया अपनाते हुए कहा कि जनपद में 144 ग्राम पंचायतें हैं और उन्हें नहीं पता कि पतौता ग्राम पंचायत कहां है। उन्होंने सड़क निर्माण को अपनी जिम्मेदारी से इंकार करते हुए कहा कि यह काम ग्राम पंचायत सरपंच का है। जब उनसे पूछा गया कि जिम्मेदार अधिकारी के रूप में उन्हें ग्राम पंचायतों की जानकारी होनी चाहिए, तो उन्होंने पत्रकारों को ऐसी बातें न करने की सलाह दी।जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते ग्राम पंचायतों का विकास अवरुद्ध हो रहा है। ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान न होना न केवल उनकी दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। शासन-प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नागरिक परिक्रमा इंदौर के सिरपुर झोन में भ्रष्टाचार की जादूगरी: AE राजेश गुप्ता ने गलत प्लॉट पर लगाया बिजली मीटर