भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर बिना किसी कठिनाई के कार्य पूरा करने पर जोर दिया। यह समीक्षा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास, समत्व भवन में हुई। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना स्वीकृति और लागत: नवंबर 2018 में मंजूरी, कुल लागत ₹10,033 करोड़। विवरण: 30 किमी लंबाई, 30 स्टेशन (2 भूमिगत), 27 ट्रेन (3 कार, भविष्य में 6 कार)। लाइनें: ऑरेंज लाइन: करोंद चौराहा से एम्स साकेत नगर। ब्लू लाइन: भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा। डिपो: सुभाष नगर। चरण: पहला फेज: पुल बोगदा से एम्स (7 किमी, 8 स्टेशन, अगस्त 2025 तक)। दूसरा फेज: करोंद चौराहा से पुल बोगदा (9 किमी, 6 स्टेशन, 2 भूमिगत, जून 2028 तक)। तीसरा फेज: भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा (14.16 किमी, 14 एलिवेटेड स्टेशन, जून 2028 तक)। टेस्टिंग: सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच अक्टूबर 2023 में पूरी। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना स्वीकृति और लागत: नवंबर 2018 में मंजूरी, कुल लागत ₹12,088 करोड़। विवरण: 31.32 किमी, 28 स्टेशन (7 भूमिगत), 25 ट्रेन (3 कार, भविष्य में 6 कार)। यलो लाइन के प्रमुख स्टेशन: गांधी नगर, आईएसबीटी, विजय नगर, पत्रकार कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, राजवाड़ा, बड़ा गणपति, एयरपोर्ट। डिपो: गांधी नगर। चरण: पहला फेज (रीच 1): गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर 3 (6.3 किमी, 5 स्टेशन, 31 मई 2025 को उद्घाटन)। पहला फेज (रीच 2): सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर चौराहा (11 किमी, 11 स्टेशन, अक्टूबर 2025 तक)। दूसरा फेज: मालवीय नगर चौराहा से पलासिया चौराहा (5.34 किमी, 5 एलिवेटेड स्टेशन, दिसंबर 2027 तक)। तीसरा फेज: पलासिया चौराहा से गांधी नगर (8.7 किमी, 7 भूमिगत स्टेशन, दिसंबर 2028 तक)। ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर मेट्रो परियोजनाएं योजना: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, और जबलपुर के लिए व्यापक गतिशीलता योजना (सीएमपी) और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) प्रस्तुत। स्थिति: भोपाल: सीएमपी और एएआर प्रस्तुत, एमआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित। इندौर: सीएमपी और एएआर प्रस्तुत, एमआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित। ग्वालियर: सीएमपी और एएआर हितधारकों द्वारा अनुमोदित, लाइट मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित। उज्जैन और जबलपुर: सीएमपी और एएआर हितधारकों को प्रस्तुत। अगला कदम: डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया राज्य शासन के अनुमोदन के बाद शुरू होगी। अन्य योजनाएं इंदौर-उज्जैन मेट्रो: फिजिबिलिटी सर्वे पूरा, इंदौर एयरपोर्ट से महाकाल मंदिर तक वंदे मेट्रो की योजना, सिंहस्थ 2028 से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य। अन्य सुविधाएं: ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में वंदे मेट्रो, रोप-वे, इलेक्ट्रिक बस, केबल-कार की योजना। समीक्षा बैठक उपस्थित: नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संजय कुमार शुक्ला, मनीष रस्तोगी, और अन्य अधिकारी। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सभी परियोजनाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि प्रदेशवासियों को आधुनिक और सुगम परिवहन सुविधाएं मिल सकें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 7 सेकेंड में दिल की बीमारी का पता लगाएगा AI ऐप, 14 साल के सिद्धार्थ की कमाल की खोज आंधी बारिश के कहर से मकान का दीवार गिरने से 3 लागो की मौत, 3 हुए घायल