इंदौर के नवविवाहित जोड़े, राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी, की कहानी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। जो हनीमून खुशियों का प्रतीक होना चाहिए था, वह एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया।

राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है. सोनम रघुवंशी पति की हत्या के बाद 25 मई को शिलॉन्ग से सिलीगुड़ी के रास्ते ट्रेन से इंदौर पहुंची थी. इंदौर में वह अपने प्रेमी राज कुशवाहा से मिली थी और उसके किराए के घर में रुकी थी. उसे एक ड्राइवर ने वाराणसी में ड्रॉप किया था, जहां से वह गाजीपुर पहुंची थी.

इंदौर से मेघालय ले जाते

सोनम के मोबाइल चैट्स ने खोले राज
जांच एजेंसियों के हाथ लगे मोबाइल चैट्स में  सोनम ने साफ तौर पर राज कुशवाहा से कहा था कि उसे राजा का उसके करीब आना बिलकुल भी पसंद नहीं। शादी के शुरुआती दिनों में ही वह अपने पति से मानसिक दूरी बना चुकी थी और जल्द से जल्द छुटकारा चाहती थी। इन चैट्स से पता चला है कि सोनम ने मेघालय ट्रिप का बहाना बनाकर राजा को सुनसान इलाके में ले जाने की योजना बनाई थी। यह हनीमून नहीं, बल्कि एक सोची-समझी क्राइम प्लानिंग थी।

1. शादी और हनीमून की शुरुआत: राजा और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। शादी के 9 दिन बाद, 20 मई को, दोनों हनीमून के लिए गुवाहाटी और फिर मेघालय के शिलांग रवाना हुए। वहाँ उन्होंने कामाख्या मंदिर के दर्शन किए और 22 मई को शिलांग पहुँचे।

2. लापता होने की घटना: 22 मई को, राजा और सोनम ने शिलांग में किराए की स्कूटी ली और माव्लाखियाट गांव गए। 23 मई को दोपहर 1:30 बजे, सोनम ने अपनी सास से आखिरी बार बात की, जिसमें उसने जंगल में ट्रेकिंग और व्रत की बात बताई। इसके बाद दोनों का संपर्क टूट गया।

3. लावारिस स्कूटी और सामान: 23 मई को उनकी किराए की स्कूटी सोहरा के पास लावारिस हालत में मिली। 27 मई को, खाई में दो बैग मिले, और 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा का शव बरामद हुआ। शव की पहचान उनके हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू से हुई।

4. हत्या की पुष्टि: पोस्टमार्टम से पता चला कि राजा की हत्या धारदार हथियार (स्थानीय भाषा में ‘दाओ’) से की गई थी। शुरू में इसे लूट या अपहरण का मामला माना गया, लेकिन जांच ने सनसनीखेज मोड़ लिया।

5. सोनम का गायब होना: राजा की हत्या के बाद सोनम 17 दिन तक लापता रही। इस दौरान पुलिस और परिवार ने उसे खोजने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। कुछ का मानना था कि सोनम का अपहरण हो गया, जबकि कुछ ने बांग्लादेश बॉर्डर के पास अपराध की आशंका जताई।

6. सोनम की बरामदगी: 9 जून 2025 की रात, सोनम गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के एक ढाबे पर मिली। उसने ढाबे के स्टाफ से फोन लेकर अपने परिवार को कॉल किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। ढाबा मालिक साहिल यादव ने बताया कि सोनम रो रही थी और मानसिक रूप से परेशान लग रही थी।

7. साजिश का खुलासा: मेघालय पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य किराए के हत्यारों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुर्मी—के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची। यह साजिश 16 मई को इंदौर के एक कैफे में बनाई गई थी।

8. हत्या का तरीका: 23 मई को, अपरा एकादशी के दिन, सोनम ने फोटोशूट के बहाने राजा को सुनसान जगह पर ले जाया। वहाँ हत्यारों ने राजा पर हमला किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सोनम ने चिल्लाकर कहा, “मार डालो इसे,” और राजा को खाई में धक्का दिया गया। हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

9. सोनम का बयान और विवाद : सोनम ने दावा किया कि वह अगवा हुई थी और बदमाशों ने राजा की हत्या की, जिसके बाद वह सदमे में थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसकी कहानी में विरोधाभास है, और साक्ष्य उसे मुख्य साजिशकर्ता साबित करते हैं। सोनम के पिता ने उसे बेगुनाह बताया और मेघालय पुलिस पर झूठे आरोप लगाने का दावा किया

10. गिरफ्तारी और जांच : सोनम, राज कुशवाहा, विशाल चौहान, और आकाश राजपूत को गिरफ्तार किया गया, जो आनंद कुर्मी फरार था उसे भी गिरफ़्तार किया।  मेघालय पुलिस और इंदौर पुलिस की संयुक्त जांच में साजिश की परतें खुल रही हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है


निष्कर्ष: यह हत्याकांड प्रेम प्रसंग, विश्वासघात, और सुपारी किलिंग की सनसनीखेज कहानी बन गया है। सोनम पर अपने प्रेमी के लिए पति को रास्ते से हटाने का आरोप है, लेकिन उसकी कहानी और परिवार के दावे मामले को और जटिल बनाते हैं। जांच अभी जारी है, और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।

सोनम रघुवंशी के बयान

1. सोनम का प्रारंभिक बयान:


   – 9 जून 2025 को गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के एक ढाबे पर मिलने के बाद, सोनम ने पुलिस और अपने परिवार को बताया कि वह और राजा रघुवंशी मेघालय में हनीमून के दौरान अपराधियों द्वारा अगवा किए गए थे। उसने दावा किया कि बदमाशों ने राजा की हत्या कर दी, और वह खुद किसी तरह बचकर भाग निकली। सोनम ने कहा कि वह इस घटना से सदमे में थी और मानसिक रूप से अस्थिर थी, जिसके कारण वह इंदौर लौटने के बजाय भटकती रही।

2. मानसिक स्थिति का दावा:


   – ढाबा मालिक साहिल यादव ने पुलिस को बताया कि जब सोनम उनके ढाबे पर मिली, तो वह रो रही थी और घबराई हुई लग रही थी। उसने ढाबे के स्टाफ से फोन माँगा और अपने परिवार को कॉल किया। सोनम ने दावा किया कि वह 17 दिन तक भटक रही थी और उसे ठीक से याद नहीं कि वह कहाँ-कहाँ गई। उसने यह भी कहा कि वह डर के कारण पुलिस के पास नहीं गई।

3. पुलिस के सामने विरोधाभास:


   – मेघालय पुलिस ने सोनम के बयान को संदिग्ध माना। पूछताछ में उनके बयानों में कई असंगतियाँ पाई गईं। उदाहरण के लिए, सोनम ने दावा किया कि वह अपहरण के बाद भाग निकली, लेकिन वह यह स्पष्ट नहीं कर सकीं कि वह मेघालय से गाजीपुर कैसे पहुँचीं। पुलिस ने उनके इस दावे पर सवाल उठाया कि इतने दिन तक वह बिना किसी सहायता के कैसे जीवित रहीं और क्यों परिवार या पुलिस से संपर्क नहीं किया।

4. प्रेमी राज कुशवाहा का कनेक्शन:


   – पुलिस जांच में पता चला कि सोनम का अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ संपर्क था। पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने राजा की हत्या की साजिश में राज कुशवाहा और तीन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर काम किया। सोनम ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि वह राज कुशवाहा को सिर्फ़ जानती थी, लेकिन हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

5. परिवार का समर्थन:


   – सोनम के पिता और परिवार ने उनके बयान का समर्थन किया है। उन्होंने मेघालय पुलिस पर आरोप लगाया कि वह सोनम को झूठा फँसा रही है। उनके पिता ने कहा कि सोनम निर्दोष है और उसे साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने बिना ठोस सबूतों के सोनम को मुख्य आरोपी बनाया।

6. पुलिस का जवाब:


   – मेघालय पुलिस ने कहा कि उनके पास सोनम के खिलाफ ठोस सबूत हैं, जिनमें कॉल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज, और सह-आरोपियों के बयान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सोनम ने 16 मई को इंदौर के एक कैफे में राज कुशवाहा और अन्य आरोपियों के साथ हत्या की साजिश रची थी। हत्या के दिन, सोनम ने ही राजा को सुनसान जगह पर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई।

7. सोनम का व्यवहार और संदेह:


   – पुलिस ने यह भी बताया कि सोनम ने हत्या के बाद कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया कि वह पुलिस या परिवार से मदद माँगे। उनके गाजीपुर में अचानक प्रकट होने और मानसिक रूप से अस्थिर होने के दावे को पुलिस ने एक नाटक करार दिया, जिसका मकसद अपनी भूमिका को छिपाना था।

8. कानूनी स्थिति:


   – सोनम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस उनके बयानों की सत्यता की जाँच के लिए मनोवैज्ञानिक विश्लेषण और अन्य तकनीकों का सहारा ले रही है। उनके बयान और सह-आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है।

सोनम का बयान इस मामले में सबसे विवादास्पद पहलू है। जहाँ वह खुद को पीड़ित और अपहरण का शिकार बता रही हैं, वहीं पुलिस उन्हें हत्या की मुख्य साजिशकर्ता मान रही है। उनके बयानों में विरोधाभास और पुलिस के सबूतों ने मामले को और जटिल बना दिया है। इस मामले में और साक्ष्य सामने आने पर ही सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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