यूं तो धार्मिक और सरकारी तौर पर प्रयागराज महाकुंभ का समापन हो गया है। लेकिन महाकुंभ को लेकर चर्चाएं अभी भी खत्म नहीं हुई है। ताजा मामला लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा, मैं प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने जिनकी मृत्यु हुई उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद हाल ही में लोकसभा को संबोधित किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकुंभ पर वक्तव्य दिए जाने के बाद कहा कि उन्होंने (मोदी ने) आयोजन स्थल पर भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी और सदन में विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें बोलने नहीं मौका नहीं मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा कि मैं प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने जिनकी मृत्यु हुई उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा कुंभ में गए उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उसपर भी बोलना चाहिए था, लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था लेकिन नहीं देते हैं, यह नया भारत है। वहीं पीएम मोदी के संबोधन के बाद विपक्ष को अपनी बात ना रखने देने को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि, वह महाकुंभ पर सकारात्मक बोल रहे थे… विपक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए था क्योंकि विपक्ष की भी इसके (महाकुंभ) प्रति भावनाएं हैं और अगर हम अपनी बात रखते हैं तो उन्हें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, विपक्ष को भी दो मिनट बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा कि प्रधानमंत्री ने एकतरफा बयान दिया और सदन से चले गए। बेहतर होता कि महाकुंभ पर बड़ी चर्चा होती। नेताजी की सरकार में महाकुंभ हुआ, अखिलेश यादव के नेतृत्व में भी हुआ और इन सरकारों में महाकुंभ का आयोजन बहुत अच्छे और भव्य तरीके से हुआ। दुख की बात है कि इस बार महाकुंभ में भगदड़ मची, लोगों की जान गई। प्रधानमंत्री को सदन में बताना चाहिए था कि महाकुंभ में कितने लोग लापता हुए, कितने लोगों की मौत हुई और उनके परिवारों के लिए सरकार क्या करेगी और विपक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए था। View this post on Instagram इधर, भाजपा सांसद रवि किशन ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सदन में 100 करोड़ सनातनियों, दुनिया भर से आए सभी हिंदुओं का धन्यवाद करने आए थे। हमें नहीं पता कि विपक्ष इसमें क्या अवसर तलाश रहा था। केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा कि यह दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन था और प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी सफलता के लिए सभी के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा है कि राहुल गांधी को लगता है कि महाकुंभ में जाने वाला हर युवा बेरोजगार था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इसी तरह की टिप्पणी दूसरे धर्म के लोगों के लिए नहीं करते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महाकुंभ पर बयान देते हुए इसे भारत के पुनर्जागरण का काल बताया। उन्होंने इसे भारत के चंद बड़े ऐतिहासिक पलों में से एक बताते हुए कहा कि महाकुंभ ने भारत को जोड़ने का काम किया है। महाकुंभ में हर व्यक्ति सबको एक समान देखता है और समाज में हर समुदाय के लोगों के बीच समानता की भावना मजबूत होती है। वहीं, राहुल गांधी ने कहा है कि महाकुंभ जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। मालूम हो कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार का दावा है कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में लगभग 67 करोड़ लोगों ने अमृत स्नान किया। यूपी सरकार ने इसे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर अवसर बताया है। व्यापारियों की एक संस्था कॉन्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने अनुमान लगाया था कि 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच हुए महाकुंभ में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हुआ था। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन श्रीकृष्ण ने जहां की लीलाएं और जहां पड़े उनके चरण, सभी देवस्थानों को तीर्थ के रूप में करेंगे विकसित इंदौर के गेर में युवक की मौत, सीएम ने की घोषणा.