(न्यूज़ नेशनल वर्ल्ड) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच 28 फरवरी को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हो गई। ट्रंप, जेलेंस्की से इतना नाराज हो गए कि उन्होंने उन पर तीसरा विश्व युद्ध भड़काने का आरोप लगा दिया। जेलंेस्की ने ट्रंप से ऐसा सवाल कर दिया कि ट्रंप और उनके सहयोगी जेडी वेंस दोनों ही भड़क गए। बात इतनी भड़क गई कि जेलेंस्की ने खाना भी नहीं खाया और वहां से चले गए। जेलेेंस्की ने वाॅशिंगटन में होने वाले अपने कार्यक्रमों को रदद कर दिया। जेलेंस्की ने कहा कि मै जो बाइडेन की बात नहीं करता हूं लेकिन लंबे समय से चाहे ओबामा या चाहे ट्रंप राष्ट्रपति रहे हों। 2014 से 2022 तक किसी ने डिप्लोमेसी नहीं की। सीमा पर लोग मारे जा रहे थे। मैने रूस के साथ बातचीत की। 2019 में मैने मैक्रों और मर्केल के साथ सीजफायर वाली डील साइन की। मैने गैस काॅन्ट्रैक्ट पर साइन किए। View this post on Instagram इसके बाद भी लोग मारे गए। इसके बाद जेलेंस्की ने तीखा सवाल करते हुए कहा कि आप किस तरह कि डिप्लोमेसी की बात करते हैं, हमारा देश तो अकेला था। जेलेंस्की के इस सवाल पर ट्रंप भड़क गए। जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि आप अपने लोगों पर ध्यान नहीं देते। क्या आपको लगता है कि अमेरिका के प्रशासन पर सवाल उठाकर आप अपने देश को सुरक्षि कर पाएंगे। इसके बाद जेलेंस्की ने कहा कि समस्याएं बहुत हैं। युद्ध के समय दिक्कत सबको होती है लेकिन आपके पास ताकत है इसलिए आपको समझ नहीं आता है लेकिन भविष्य में आपको भी पता चलेगा। इस पर ट्रंप ने भड़कते हुए कहा कि मुझे मत बताइए कि मुझे क्या समझना है और क्या नहीं। हम बहुत अच्छी तरह समझते हैं, आपकी हालत अच्छी नहीं है। आप लाखों लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और तीसरा विश्वयुद्ध भड़काना चाहते हैं। आप इस देश का अपमान कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध की शुरूआत से ही हम अकेले हैं। इस पर ट्रंप ने कहा कि आप एक बेवकूफ राष्ट्रपति हैं, आपके लोग बहादुर हैं। आपके पास सेना के हथियार भी नहीं हैं। इसके बाद आप कहते हैं कि मुझे सीजफायर नहीं चाहिए। ट्रंप ने कहा कि मै दुनिया के साथ हूं, मै यूरोप के साथ हूं। मै चाहता हूं सब ठीक हो जाए अगर आप डील नहीं करना चाहते तो कुछ नहीं हो सकता। इधर, जेडी वेंस ने कहा कि भला इसी में है कि बातचीत हो। ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जेलेंस्की पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उनका आदर नहीं किया। इसी बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वो चाहते हैं कि उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच हुई झड़प के बाद यूक्रेन के प्रति अधिक समर्थन दिखाएं। जेलेंस्की ने कहा कि बेशक दोनों देशों के बीच संबंधों को ठीक किया जा सकता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि वह साझेदार के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका को खोना नहीं चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ट्रंप वास्तव में हमारे पक्ष में रहें। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तब तक रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा, जब तक कि उसे किसी अन्य आक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल जाती। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बहस दोनों पक्षों के लिए अच्छी नहीं हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप को यह समझने की जरूरत है कि यूक्रेन रूस के प्रति अपने रवैये को एक पल में नहीं बदल सकता। वहीं, इस बहस के बाद यूक्रेनी नेता को देश छोड़ने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखे और सख्त लहजे में जेलेंस्की से कहा कि आप या तो सौदा कर लें या फिर हम बाहर हो जाएंगे। View this post on Instagram अमेरिका और यूक्रेन के बीच एक खनिज सौदे पर बातचीत चल रही थी, लेकिन यह सौदा हो नहीं पाया। इस सौदे से पहले वाले सौदे में यह बात सामने आई थी कि अमेरिका, यूक्रेन के खनिजों से 500 अरब डॉलर कमाएगा। लेकिन आखिरी ड्राफ्ट में यूक्रेन के लिए बेहतर शर्तें थीं। इस सौदे का मूल सिद्धांत यह था कि यूक्रेन की खनिज संपदा के बदले अमेरिका उसे मदद और निवेश देगा। यह विचार पिछले साल अक्टूबर में जेलेंस्की की विजय योजना में सामने आया था जो समझौता होने वाला था, वह एक संयुक्त पुनर्निर्माण निवेश कोष बनाने के लिए था। इस कोष पर अमेरिका का नियंत्रण होता और यह अमेरिकी कानूनों के तहत काम करता। यूक्रेन खनिज, तेल, गैस, बंदरगाह और स्छळ टर्मिनल जैसे अपने प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली कमाई का 50ः इस कोष में डालता। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कोष में मौजूदा खनन और प्राकृतिक संसाधन व्यवसाय शामिल नहीं होते यानी यूक्रेन की प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली वर्तमान कमाई इस कोष में नहीं जाती। इसके अलावा, इस कोष का उद्देश्य यूक्रेन में ही पुनर्निवेश करना था। यह पुनर्निवेश कम से कम सालाना होता ताकि यूक्रेन की सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा मिले। विस्तृत नियम और शर्तें बाद में बातचीत करके तय की जानी थीं। कहा जाता है कि यूक्रेन के पास सौ से ज्यादा प्रमुख खनिजों के भंडार हैं, जिनमें टाइटेनियम, लिथियम, दुर्लभ खनिज और 19 मिलियन टन ग्रेफाइट शामिल हैं। हालांकि, कीव मानता है कि 350 अरब डॉलर के संसाधन अब रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में हैं। यूक्रेनी थिंक टैंक का अनुमान है कि देश के लगभग चालीस प्रतिशत धातु संसाधन अब रूस के नियंत्रण में हैं। इसके अलावा, यूक्रेन में अभी कोई भी व्यावसायिक रूप से चलने वाली दुर्लभ खनिज की खान नहीं है। इसलिए, इन खनिजों का सही मूल्य जानने के लिए बहुत अधिक खोजबीन की जरूरत है। संसाधनों के मौजूदा नक्शे 30-60 साल पुराने हैं। ये पुरानी भूवैज्ञानिक रिपोर्ट हैं जिन्हें आधुनिक तरीकों से सत्यापित करने की आवश्यकता है। बताया ये भी जाता है कि खनिजों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थित है, यूक्रेन के बड़े हिस्से अब बारूदी सुरंगों से भरे हुए हैं। व्यावसायिक कार्यों को शुरू करने के लिए पहले इन्हें सुरक्षित रूप से हटाने की आवश्यकता है। हालांकि, यह खनिजों की खोज और सर्वेक्षण को और भी महंगा बना देता है। लेकिन वर्तमान सौदा इस बारे में स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए जोखिम पूंजी कौन देगा। यह संभवतः बाद के कोष समझौते में बताया जाएगा।इसके अलावा जब तक युद्ध बिना युद्धविराम के जारी रहता है, तब तक यूक्रेन के खनन में निवेश आकर्षित करना चुनौतीपूर्ण साबित होगा। यदि सौदे का उद्देश्य रूस द्वारा भविष्य में आक्रमण को रोकना है, तो चल रहा संघर्ष ही सौदे के संचालन में बाधा है। विशेष रूप से अग्रिम पंक्ति के यूक्रेनी कस्बे और शहर बड़े पैमाने पर विनाश का सामना कर रहे हैं। अगर इस सौदे की खामियों को दूर कर लिया जाता, तो अमेरिकी कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता था। ट्रंप दुर्लभ खनिजों पर चीन की पकड़ को तोड़ना चाहते हैं। बीजिंग उन्नत तकनीक और रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण वैश्विक दुर्लभ खनिजों का लगभग 90ः उत्पादन करता है। अमेरिका-यूक्रेन सौदा संभावित रूप से चीन के खिलाफ बाजी पलट सकता है। जेलेंस्की ने बार-बार कहा है कि वह चाहते हैं कि अमेरिका, यूक्रेन के विकास में भागीदार बने। यह उम्मीद की जा रही थी कि यह भविष्य में रूसी आक्रमण के खिलाफ एक निवारक के रूप में काम करेगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 42 करोड़ 95 लाख के अनियमित भुगतान को लेकर नगर निगम रीवा के जिम्मेदार आयुक्त सहित अन्य कर्मचारियो के विरुद्ध प्राथमिकी प्राधिकार कानूनी कार्यवाही करने हेतु कांग्रेस नेताओं ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ कमिश्नर रीवा को सौपा ज्ञापन इंदौर लोकायुक्त इकाई की ट्रेप कार्यवाही