भारतीय शेयर बाजारों के लिए साल 2025 की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 2024 के शुरुआती आठ महीनों में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद से बाजार में कमजोरी देखने को मिली। वहीं, 2025 में बाजार बुरी तरह फिसल गया। हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ऐसे रहे जिन्होंने न सिर्फ अच्छा परफॉर्म किया बल्कि निवेशकों को लिस्टिंग गेन भी दिलवाया। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक केवल 11 मेनबोर्ड कंपनियों ने शेयर बाजार में एंट्री की है और इनका प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। यह ब्रोडर मार्केट में अस्थिरता को दर्शाता है। इनमें केवल पांच स्टॉक ही ऐसे है जो फिलहाल अपने इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं जबकि बाकी छह शेयर अपने प्राइस बैंड से नीचे चल रहे हैं। शेयर बाजार में कमजोर सेंटीमेंट के बावजूद साल 2025 के पांच आईपीओ जो अपने प्राइस बैंड से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अब तक चालीस से ज्यादा कंपनियों को मार्केट रेगुलेटर सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी मिल चुकी है। ये कंपनियां कुल मिलाकर करीब 66,095 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा 67 और कंपनियों ने पब्लिक होने के लिए सेबी की मंजूरी के इंतजार में हैं। माना जा रहा है कि इस साल कंपनियां करीब 2 लाख करोड़ रूपये जुटा सकती हैं और अगले दो वर्षों में करीब एक हजार कंपनियां आईपीओ लाने की योजना बना रही हैं।इधर, टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स का शेयर निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बन गया है। जुलाई 2024 में इसके शेयर की कीमत 1,179 रुपये थी लेकिन उसके बाद से इसमें 44 प्रतिशत गिरावट आई है। अब इसकी कीमत 661.75 रुपये पर आ गई है। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 1.9 लाख करोड़ रुपये कम हो गया है। चीन और यूके जैसे प्रमुख बाजारों में जगुआर लैंड रोवर की कमजोर मांग और यूरोप में बनी कारों पर अमेरिका में टैरिफ बढ़ने की आशंका ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया है।भारत में मध्यम और भारी कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में कमी और पैसेंजर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने निवेशकों का भरोसा कम किया है। वैश्विक और घरेलू दोनों तरह की चुनौतियों ने टाटा मोटर्स में निवेशकों का विश्वास डगमगा दिया है। टाटा मोटर्स की ब्रिटेन स्थित सहायक कंपनी चीन, यूके और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख बाजारों में कमजोर मांग से जूझ रही है। इसके अलावा, यूरोपीय ऑटोमोबाइल पर अमेरिकी आयात शुल्क का खतरा मंडरा रहा है। 44ः मार्केट कैप घटने के साथ, टाटा मोटर्स के भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि अधिकांश नकारात्मकता पहले ही कीमत में शामिल हो चुकी है। शॉर्ट टर्म में व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन टाटा मोटर्स उन लोगों के लिए एक आकर्षक दांव बना हुआ है जो मुश्किल दौर से गुजरने को तैयार हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन केन्द्र से मिलेगी भरपूर मदद—केन्द्रीय मंत्री श्री खट्टर अनलॉकिंग लेण्ड वेल्यू विषय पर हुआ सत्र विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : शाह