मुआवजा को लेकर जमकर हुआ बवाल सिंगरौली । विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सीधी सिंगरौली। एनसीएल परियोजना निगाही में एक निजी सुरक्षागार्ड की सड़क हादसे में मौत हो जाने पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने आधी रात से ही निगाही के बैरियर के सामने धरना शुरू किया। जहां पुलिस को लापरवाह एनसीएल के अधिकारियों व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में 18 घंटे से अधिक का वक्त लगा दिया। दरअसल फरियादी बृजभुषण सिंह निवासी घोरौली ने थाने में रिपोर्ट किया कि निगाही बैरियर के अन्दर सीएचपी के पास हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 15 डीवाई 2555 में गिट्टी लोड है और पॉच दिनों से सड़क पर खड़ा है। उसमें सांकेतिक चिन्ह भी नही है। बीती रात बुधवार की करीब 9:30 बजे रिश्ते में साला कपिल देव सिंह बीईएमएल कंपनी में सुरक्षागार्ड की ड्यूटी करने मोटरसाइकिल वाहन क्रमांक यूपी 64 एफ 9396 में सवार होकर जा रहे थे। करीब 10 बजे बीच सड़क में खड़े उक्त हाईवा वाहन से टकरा कर घायल हो गए। आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक उनकी कोई मदद नही की गई। फरियादी का यह भी आरोप है कि 1 घंटे एम्बुलेंस को बैरियर के पास रोका गया था। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने से कपिल देव सिंह की मौत हो गई। वही साक्ष्य मिटाने के नियत से सुरक्षागार्ड के मोटरसाइकिल को एनसीएल प्रबंधन द्वारा निगाही खदान के बैरियर से करीब 700 मीटर दूर क्षेत्र से बाहर किनारे फेक दिया। वही घटनास्थल पर पानी डालकर मिटा दिया गया। आरोप लगाया है कि एनसीएल के जिम्मेदारी माइंस इंचार्ज, सेफ्टी इंचार्ज और सिक्योरिटी इंजार्च की होती है कि सड़क पर इस तरह के वाहन न खड़े हो। किन्तु आरोप है कि इन्हीं के घोर लापरवाही से कपिल देव सिंह की मौत हो गई। इसी बात को लेकर बुधवार- गुरूवार की आधी रात से ही एनसीएल निगाही के बैरियर गेट नम्बर 1 के सामने सैकड़ों स्थानीय लोग धरना शुरू कर दिया। कोतवाली बैढ़न, जयंत चौकी एवं नवानगर थाने की टीआई तथा पुलिस बल, सीएसपी मौके से पहुंच करीब 10 घंटे तक धरनाईयों को समझाते रहे। वें अपने मांगों पर अड़े थे। उनकी मांग थी कि एनसीएल के दोषी अधिकारियों के साथ-साथ तरूण कुमार एवं शाही समेत अन्य पर लापरवाही बरतने, साक्ष्य मिटाने सहित अन्य दोषीजनों पर अपराधिक मामला पंजीबद्ध किया जाए। साथ ही मृतक की पत्नी को नौकरी व बच्चों को डीएव्ही विद्यालय 12 तक नि:शुल्क अध्ययन कराने तथा सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इन्हीं मांगों को लेकर करीब 16 घंटे से अधिक समय तक हंगामा चलता रहा। गोरबी जीएम समेत चार पर मामला दर्जएनसीएल परियोजना गोरबी ब्लॉक-बी खदान में सीएचपी नम्बर 2 में पंप के गिरने से लोटान निवासी दिग्विजय बैस पिता शिवकुमार बैस उम्र 25 वर्ष की पिछले माह 21 अगस्त की मौत हो गई थी। जहां घटना की जांच उपरांत घोर लापरवाही साबित होने पर गोरबी चौकी पुलिस ने महाप्रबंधक ब्लॉक-बी, एनसीएल सेफ्टी ऑफिसर मांइस, मांइस प्रोजेक्ट मैनेजर, पीसी सुपरवाइजर रामकुशल प्रजापति के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मोरवा टीआई क पूर त्रिपाठी ने बताया कि कार्यस्थल पर एनसीएल के अधिकारियों ने सुरक्षा सहित अन्य मामलों में घोर लापरवाही बरती है। इस तरह की लापरवाही जहां भी मिलेगी उनके विरूद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। इधर गोरबी के मामले में अन्य लापरवाह कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी एकत्रित की जा रही है। इन अधिकारियों एवं अन्य पर दर्ज हुआ अपराधफरियादी बृजभूषण ङ्क्षसह के लिखित आवेदन पत्र के आधार पर नवानगर पुलिस ने एनसीएल परियोजना निगाही के मांइस इंचार्ज, सेफ्टी इंचार्ज, सिक्योरिटी इंचार्ज साथ-साथ बैरियर पर तैनात तरूण कुमार एवं शाही के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 238 एवं 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। वही बताया जा रहा है कि उक्त घटना के बाद एनसीएल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी भूमिगत हो गए थे। कड़ी जद्दोजहद एवं पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कुछ अधिकारी एसओपी आए भी। लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचते रहे। आरोप है कि एनसीएल प्रबंधन सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाह है। यहां आए दिन हादसा हो रहा है। इनका सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम केवल कागजों तक ही सीमित है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन वाहन मालिक को धोखा देना चालक को पड़ा महंगा, मैहर से कार बरामद विस्फोटक लोड ट्रक में लगी आग पर पुलिस ने सूझबूझ से पाया काबू, बड़ा हादसा टला