इंदौर। मीनाक्षी सेवा समिति और ट्रेजर टाऊन शिप मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में ट्रेजर टाऊन शिप रहवासी संघ की उपस्तिथि में सुश्री जया शेट्टी के मार्गदर्शन में महिलाओं और बच्चों ने सीखा माटी के गणेश बनाना। इंदौर के बिजलपुर में स्थित ट्रेजर टाऊन शिप में मिट्टी के गणेश बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया। मीनाक्षी सेवा समिति के अध्यक्ष बलराम सोनी के द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवम् संवर्धन के उद्देश्य को लेकर ये कार्यशाला आयोजित की गई। मीनाक्षी सेवा समिति के अध्यक्ष बलराम सोनी ने बताया की हम सब लोग आधुनिक युग की ओर अग्रसर हो रहे हैं और हमारी संस्कृति के मूल उद्देश्य भूलते जा रहे हैं इसलिए बच्चों में अभी से ये संस्कार देने का छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। बलराम सोनी ने बताया की गणेश उत्सव हमारे सनातनी हिंदू धर्म का बड़ा पर्व है और इस पर्व को इंदौर ही नहीं मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे भारत देश के अलावा विश्व के अन्य देशों में भी बड़ी धूम धाम से बनाया जाता है।ये हमारे लिए बड़े ही गर्व की बात है और हम सबको भी इस बात पर गर्व होना चाहिए की हमारा जन्म हिंदू धर्म में हुआ है जिसका पूरा विश्व सम्मान करता है आदर करता है। प्रकृति का बदलाव हम सभी देख रहे हैं और उसके दुष्प्रभाव भी देख रहे हैं इसलिए हम सभी मानव जाति को मिलकर जल, जंगल, जमीन, जानवर की रक्षा करना हमारा नैतिक धर्म है और इस धर्म का हम सभी को पालन करना है। पर्यावरण को बचाने संरक्षित करने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस को नकारना है और मिट्टी या गोबर के गणेश को घर लाना है।इंदौर के ट्रेजर टाऊन शिप में इकोफ्रेंडली गणेश बनाने की कार्यशाला का आयोजन हुआ मीनाक्षी सेवा समिति और ट्रेजर टाऊन शिप मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में ट्रेजर टाऊन शिप रहवासी संघ की उपस्तिथि में सुश्री जया शेट्टी के मार्गदर्शन में महिलाओं और बच्चों ने सीखा माटी के गणेश बनाना। इंदौर के बिजलपुर में स्थित ट्रेजर टाऊन शिप में मिट्टी के गणेश बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया। मीनाक्षी सेवा समिति के अध्यक्ष बलराम सोनी ने बताया की हम सब लोग आधुनिक युग की ओर अग्रसर हो रहे हैं और हमारी संस्कृति के मूल उद्देश्य भूलते जा रहे हैं इसलिए बच्चों में अभी से ये संस्कार देने का छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। बलराम सोनी ने बताया की गणेश उत्सव हमारे सनातनी हिंदू धर्म का बड़ा पर्व है और इस पर्व को इंदौर ही नहीं मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे भारत देश के अलावा विश्व के अन्य देशों में भी बड़ी धूम धाम से बनाया जाता है।ये हमारे लिए बड़े ही गर्व की बात है और हम सबको भी इस बात पर गर्व होना चाहिए की हमारा जन्म हिंदू धर्म में हुआ है जिसका पूरा विश्व सम्मान करता है आदर करता है। प्रकृति का बदलाव हम सभी देख रहे हैं और उसके दुष्प्रभाव भी देख रहे हैं इसलिए हम सभी मानव जाति को मिलकर जल, जंगल, जमीन, जानवर की रक्षा करना हमारा नैतिक धर्म है और इस धर्म का हम सभी को पालन करना हैप्रकृति का ये संदेश, गोबर या मिट्टी के हों गणेश चलो हम सभी मिलकर प्रकृति को अपनाएं,मिट्टी या गोबर के गणपति बप्पा ही लाएं माटी या गोबर के अगर होंगे गणेश,सभी भक्तों के दूर होंगे कष्ट क्लेश,घर में ही स्वयं बनाए , घर में ही शुभ मुहूर्त में बिठाए , घर में ही विसर्जन की परंपरा अपनाएंचलो हम सब मिलकर प्रकृति का ऋण चुकाएं ।। पर्यावरण को बचाने संरक्षित करने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस को नकारना है और मिट्टी या गोबर के गणेश को घर लाना है। मीनाक्षी सेवा समिति की सचिव निशा जोशी ने बताया की ट्रेजर टाऊन शिप में सन 2018 से गणेश स्थापना की जा रही है। मीनाक्षी सेवा समिति के संयुक्त सचिव मनीष कुमावत ने बताया की हम लोगों को गणेश स्थापना दिवस की हर साल उत्साह के साथ प्रतीक्षा रहती है। इस पर्व के कारण ही हमको समाज के बीच सेवा करने का मौका मिलता है। प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है तो क्यों ना हम भी प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए नई परंपराओं का सृजन करें। मीनाक्षी सेवा समिति के संजय पाटीदार ने बताया की जल, जंगल, जमीन, जानवर का संरक्षण करना हमारा मूल दायित्व है। हमारी संस्था तो इस दायित्व में तिनके के समान एक सार्थक प्रयास कर रही है। मीनाक्षी सेवा समिति के राम सोनी ने बताया की प्रकृति ने हमें जीवन यापन करने के लिए सब कुछ निशुल्क दिया है तोक्यों ना हम सब मिलकर प्रकृति के उपकार को लौटाए “प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाए मिट्टी या गोबर के गणेश लाएंपर्यावरण को शुद्ध बनाएं प्रकृति और हम खुशी खुशी गणेश उत्सव बनाएं” ट्रेजर टाऊन शिप के मंदिर समिति के अध्यक्ष राज मोरवानी ने बताया बताया की कार्यशाला में 150 की संख्या में महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न रूपों में भगवान गणेश की प्रतिमा मिट्टी से तैयार की। ट्रेजर टाऊन शिप रहवासी संघ की अध्यक्ष डॉक्टर रेणु सोनी मेहता ने बताया की इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के अंदर विभिन्न बीजों को मिलाया गया ताकि जब इन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा तो आंगन में नए पौधों के रूप में बप्पा का आशीर्वाद हमारे साथ हमेशा बना रहेगा। कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में महंत 108 रुक्मणि देवी का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व पार्षद निलेश जी चौधरी की उपस्तिथि रही।मीनाक्षी सेवा समिति की सचिव निशा जोशी ने बताया की ट्रेजर टाऊन शिप में सन 2018 से गणेश स्थापना की जा रही है। मीनाक्षी सेवा समिति के संयुक्त सचिव मनीष कुमावत ने बताया की हम लोगों को गणेश स्थापना दिवस की हर साल उत्साह के साथ प्रतीक्षा रहती है। इस पर्व के कारण ही हमको समाज के बीच सेवा करने का मौका मिलता है। प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है तो क्यों ना हम भी प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए नई परंपराओं का सृजन करें। मीनाक्षी सेवा समिति के संजय पाटीदार ने बताया की जल, जंगल, जमीन, जानवर का संरक्षण करना हमारा मूल दायित्व है। हमारी संस्था तो इस दायित्व में तिनके के समान एक सार्थक प्रयास कर रही है। मीनाक्षी सेवा समिति के राम सोनी ने बताया की प्रकृति ने हमें जीवन यापन करने के लिए सब कुछ निशुल्क दिया है तोक्यों ना हम सब मिलकर प्रकृति के उपकार को लौटाए “प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाए मिट्टी या गोबर के गणेश लाएंपर्यावरण को शुद्ध बनाएं प्रकृति और हम खुशी खुशी गणेश उत्सव बनाएं” ट्रेजर टाऊन शिप के मंदिर समिति के अध्यक्ष राज मोरवानी ने बताया बताया की कार्यशाला में 150 की संख्या में महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न रूपों में भगवान गणेश की प्रतिमा मिट्टी से तैयार की। ट्रेजर टाऊन शिप रहवासी संघ की अध्यक्ष डॉक्टर रेणु सोनी मेहता ने बताया की इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के अंदर विभिन्न बीजों को मिलाया गया ताकि जब इन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा तो आंगन में नए पौधों के रूप में बप्पा का आशीर्वाद हमारे साथ हमेशा बना रहेगा। कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में महंत 108 रुक्मणि देवी का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व पार्षद निलेश चौधरी की उपस्तिथि रही। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ महिलाओ द्वारा मनाया जा रहा हरतालिका तीज का व्रत क्यों देना चाहिए इस्तीफा सेबी अध्यक्ष माधबी बुच को?