कुसमी व सीधी जनपद में फूंक दिये करोड़ों रूपये-सीधी जनपद में जमीन पर नही है निर्माण कार्य सीधी।विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सीधी सिंगरौलीजिले में भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलाशा हो रहा है। आरईएस व डब्ल्यूआरडी घोटाले के बाद अब वाटरशेड योजना में भी जमकर भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है। यहां पुरानी संरचनाओं को वाटरशेड का बताकर लाखों की राशि आहरित की गई है। जिसकी बानगी विगत दिनो सीधी विधायक के निरीक्षण के दौरान पोल खुलकर सामने आई है। प्रधानमंत्री की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना पीएम केएसवाय-2.0 अंर्तगत स्वीकृत परियोजना वर्ष 2021-2022 जिसमें इस परियोजना के तहत 5768 हेक्टेयर को शामिल किया गया था। इस परियोजना से 08 पंचायतो के 17 गांव लाभान्वित होने थे। जिसमे बरहाई, भगोहर, सेन्दुरा, कोचिला, डोल कोठार, बरमबाबा, तेगवा क्षेत्र शामिल किया गया था। जिसपरियोजना का लागत मूल्य 1268.96 लाख था, यदि यह परियोजना अपना मूर्त स्वरूप ले पाती तो शायद वाटर शेड कमेटी क्षेत्र के 08 ग्राम पंचायतों के 17 गांव लाभान्वित होते और किसानों के लिए 5768 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई होने के साथ साथ वाटर लेबल भी ऊपर आ जाता। लेकिन जिले के वाटर शेड में लगे अधिकारियों ने क्षेत्र का विकास न कराकरपरियोजना को चारागाह समझा और कुछ चिन्हित लोगों को इसमें शामिल किया गया कि वे विरोध न करें और काम भी निकल जाये। इसीलिए जहां पर कार्य होना बताया जा रहा है उस स्थान पर किसी भी प्रकार के सूचना बोर्ड नही लगाये गए है। जब वाटरशेड के अधिकारी निरीक्षण करने जाते भी है तो उनको दूसरी संरचनाओं का निरीक्षण कराकर बाहवाही लूट ली जा रही है। विधायक के निरीक्षण में खुली थी पोल / विगत दिनो सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक को शिकायत मिलने के बाद वे मौके पर कार्यों का अवलोकनकरने पहुंची तो वहां मौजूद अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कराये गए कार्य दूसरे मदों के है जबकि वाटरशेड द्वारा किसी भी प्रकार के कार्य जमीन पर नहींकराये गए है। जिस पर विधायक द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गई और मामले को उच्च स्तरीय अधिकारियों के पास भी जांच के लिए भेजा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन लंबित प्रकरणों में रोजगार देने की मांग : भूविस्थापितों ने एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर किया घेराव, 23 अगस्त को करेंगे कुसमुंडा और गेवरा खदान बंद अतिथि शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया 3 चरणों में होगी