मंदसौर। आधी रात मंदसोर के शामगढ़ थाना परिसर में दो पक्षो में हुआ विवाद। बीच बचाव में थाने एक सब इंस्पेक्टर और आरक्षक को आई गंभीर चोट। सब इंस्पेक्टर अविनाश सोनी को इलाज हेतु मंदसोर के नीजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शामगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा ओर खेड़ादेवसिंह गांव के दो पक्षों में हुआ था विवाद। दोनो पक्ष थाने पहुंचे और थाना परिसर में फिर उपजा तनाव, बीच बचाव में पुलिस पर ही हो गया हमला। मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र में देर रात दो पक्षों में विवाद हो गया। देर रात ही दोनों पक्षों की शामगढ़ थाने मे भीड़ जमा हो गई। विवाद इतना बढ़ गया की एक-दूसरे के साथ मारपीट करना शुरू कर दी। बीचबचाव में किसी ने सब इंस्पेक्टर के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। जिसके चलते एसआई अविनाश सोनी गंभीर घायल हो गए। इसके साथ एक आरक्षक के हाथ में भी चोट आई। दोनों को सिविल अस्पताल लाया गया। वहां से निजी अनुयोग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जोकि उपचारत है। शामगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात को दो पक्षों में विवाद थाने पहुचा। बरखेड़ा उदा और खेड़ादेव सिंह गांव के बीच वीरेन्द्र सिंह अपने दोस्तों के साथ खेत पर पार्टी कर रहें थे। दरअसल शिवनारायण मीणा का बर्थडे था। जिसमें सोंधिया समाज व मीणा समाज के साथ मे पार्टी कर रहें। दोनों में पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ। मौके पर कॉल पर 100 डायल पहुचीं। 6/7 लोगों को थाने लेकर आ गई। देर रात दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ने लगा जिसको रोकने के लिए पुलिस ने बीचबचाव करने की कोशिश की तो अचानक किसी व्यक्ति ने एसआई के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। भीड़ पर काबू पाया गया, घायल एसआई व आरक्षक हॉस्पिटल आया गया। यहां पर दोनों घायल पुलिसकर्मी इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की क्रॉस कायमी कर दी है। वहीं घायल पुलिसकर्मी पर प्राणघातक हमला करने वाले पर पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 18 लोगों पर मामला दर्ज किया है जिसमें 8 लोगों को राउंडअप कर लिया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महाकाल मंदिर के शिखर पर विराजमान है भगवान शेषनाग। भोपाल में RSS के समिधा कार्यालय से सुरक्षा हटाई, 15 साल से तैनात थे एसएएफ जवान।