शहादत को भूल, लड़ी जा रही धर्म की लड़ाई… !!….यह राजनीति है,गंदी है पर राजनीति है…!! उत्तर प्रदेश में कावड़ यात्रा को लेकर एक आदेश जारी हुआ है. इस आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के रास्ते में हर खाने वाली दुकान या ठेले के मालिक को अपना नाम बोर्ड पर लगाना होगा अंकुल प्रताप सिंह, बघेल….. बेबाक कलम….✍ इस धर्म की राजनीति में आम जनता का तो मरण ही होता, ना उन्हें कुछ फायदा मिलता, होती हैं तो नफ़रत ।। नफ़रत के बीच दिलों में बोए जाते हैं , जिनका फायदा राजनीतिक दलों को होता है चुनाव के समय, किसी धर्मी कार्यक्रम के समय… अब धर्म की बात आई है तो चलिए हम बात करते हैं इंदौर शहर की … इंदौर शहर में कुछ दिन पूर्व हिंदू संगठन के एक अध्यक्ष को उनके घर पर सिक्योरिटी गार्ड को बुर्का पहन कर एक महिला के द्वारा धमकी भरा पत्र भेजा गया। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई और पुलिस की छानबीन में यह तथ्य सामने आए कि धमकी देने वाले कोई मुस्लिम नहीं बल्किन हिंदू थे, और ना की कोई और उन्हीं के परिचितो ने ही दिए।। साथ ही जिनको धमकी मिले वह खुद जांच के घेरे में है..! जरा गौर कीजिए इस खबर पर इंदौर। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी संतोष शर्मा को धमकी भरे पत्र देने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिन दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, वे संतोष शर्मा के ही करीबी हैं। आरोपियों में इंदौर निवासी मीरा कदम और मंदसौर निवासी छोटू बागवान शामिल हैं। दोनों ही उनके करीबी माने जा रहे हैं। दोनों को हिरासत में लेने के बाद वे अब खुद भी जांच के घेरे में हैं। इस खबर पर भी गौर कीजिए….सौ. न्यूज़ 24…मध्य प्रदेश के उज्जैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुहर्रम के जुलूस के सामने कुछ लोग हनुमान चालीसा का पाठ करते दिखाई दे रहे हैं।कांवड़ यात्रा के दौरान हिन्दू-मुस्लिम को लेकर काफी विवाद मचा हुआ है। कांवड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले दुकानदारों से नाम लिखने के लिए कहा गया है। इस बीच उज्जैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हिन्दू मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक सौहार्द देखने को मिल रहा है। नगर परिषद के पार्षदों और अन्य नेताओं ने हिन्दू लोगों के साथ मिलकर मोहर्रम का स्वागत किया और फिर अचानक हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया। उज्जैन में मोहर्रम के दौरान कचहरी चौराहे पर नगर परिषद के पार्षदों और अन्य नेताओं ने मोहर्रम का जोरदार स्वागत किया। जब मोहर्रम का स्वागत करने के लिए तमाम लोग एकत्रित हुए थे, तभी अचानक बैंड की धुन बदल गई और लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया। यह देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोग अचंभित रह गए। हालांकि दोनों धर्म के लोगों ने इसका स्वागत किया और एक दूसरे पर फूलों की बारिश की। इस भाईचारे की मिसाल को आप किस तरीके से देखते हैं यह तो मैं नहीं कह सकता पर यह सच है कि आज भी भाईचारे का माहौल हमारे और आपके बीच में बचा हुआ है। राजनीतिक दल कितना भी धर्म की बात पर लड़ाई करवाना चाहे पर जनताइनके बहकावे में नहीं आती।। एक रुख यह भी है कि अगर आपको इस प्रकार से जांच करना है, कि कौन कहां से आए हुए हैं और किस जगह निवासा व्यापार कर रहे , तो यह सत्य है कि आप इसकी जांच कर सकते हैं। होनी चाहिए क्योंकि कई ऐसे लोग हैं जो अन्य प्रदेशों से आकर अन्य शहरों में रेहड़ी लगाकर व्यापार करते हैं जुर्म को अंजाम देते हैं।। कई बार कावड़ यात्रा में भी हिंदू मुस्लिम एकता देखने को मिली है कावड़ यात्राओं पर मुसलमान के द्वारा बड़े मंच लगाकर स्वागत करते दिखाई दिए हैं पर इस प्रकार का आदेश पहली दफा देखने को मिला है की, कावड़ यात्रा के रास्ते में चाहे होटल हो ठेला व्यापारी हो उन सभी को अपना नाम बड़े अक्षरों में लिखना होना चाहिए। इससे दुकान यह ठेले का संचालक कौन है इससे जानकारी आसन होगी,पर अगर इस पर धर्म की राजनीति गलत। भगवान भी कहते हैं कि किसी गरीब के पेट में लत नहीं मारना चाहिए उसका बहुत बड़ा पाप लगता है। क्योंकि कभी-कभी भगवान भी गरीबों के पेट भरने के लिए बहुत कुछ कर गुजरते हैं। इसलिए गरीब के पेट में कभी लात नहीं मारनी चाहिए , पर इस गंदी राजनीति को देखते हुए ऐसे कई आदेश हमारे आपके के बीच आते रहते हैं। जो कुछ दिनों के लिए तो चलते हैं, पर कुछ दिन बाद खत्म हो जाते हैं। लाउडस्पीकर की बात,,,,, जिसके आदेश हुए थे जारी…. हिंदू मुस्लिम एकता के साथ विरोध जताएं गए थे। लाउडस्पीकर को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा मुख्यमंत्री बनते ही आदेश जारी किया गया की मंदिर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाए ,सही बात है पूरा ध्वनि प्रदूषण तो मंदिर मस्जिद के लाउड स्पीकर ही तो फैलते हैं।। इन्हीं आदेशों की खुलेआम मखौल उड़ाया जाता है और बहुत ही तेज ध्वनि में बजाए जाते डीजे जिनकी वजह से हार्ट पेजेंट और बीमार व्यक्ती, स्वास्थ व्यक्ती को हार्ट अटैक तक आने की संभावना रहती हैं। वहीं जब शादी व्याह या अन्य रेलिया में राजनीतिक गलियारों में बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर जनता को परेशान किया जाता है तब यह नियम कहां चले जाते हैं। सिर्फ नियम धर्म की राजनीति या आम आदमी के लिए है क्योंकि शायद जन्म से ही मूर्ख बना हुआ है।। सरकारों को काम करना चाहिए जनता के हित में कार्य होना चाहिए। इस प्रकार के बेतुके आदेश जारी करके जनता का समय और मनोबल तोड़ने का काम होता है, नफरत के बीज दिलो और दिमाग में बोए जाते हैं , जिसे मिटा पाना बहुत मुश्किल होता है। हमारा देश सभी धर्म को स्वीकार करता है सभी मिलजुल कर एकता के साथ काम करते हैं। हर धर्म के त्योहार सभी मिलजुलकर बड़े ही हर्ष उल्लाह के साथ मनाएं जाते है। इस तरह से बंटवारे की राजनीति में ना बांटा जाए।भाईचारा और अमन इस देश की पहचान रही है इसे बनाए रखे।।अगर सरकार को करना ही है कुछ तो जनता के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य जैसे सुविधाओं को बढ़ावा दें। साथी साथ हमारे देश को खोखला कर रहे नशे के व्यापार पर अंकुश लगाए इससे आने वाली युवा पीढ़ी नशे की गर्त में न जाए। सरकार फिर से वही दौर दोहरा रही है जो लॉकडाउन के समय हुआ था। लेकिन उस समय यह नेता अपने घरों में दुबक कर बैठे हुए थे महामारी को देखते हुए । लेकिन उसी समय कुछ हमारे भाई बंधुओ ने मिलकर समाज सेवा की ना धर्म देखा ना जाति देखी ना समय देखा ना कीमत देखी अपने जीवन को दावा पर लगाकर सेवा दी। फिर चाहे वह मुस्लिम हो या हिंदू दोनों ने किसी से फर्क नहीं किया। जब हम अस्पतालों में जाते हैं तो खून की आवश्यकता होती है तो धर्म या जाति नहीं पूछी जाती, सिर्फ खून का ग्रुप पूछा जाता है। रही बात भगवान की तो भगवान सभी का होता है किसी एक का नहीं। इस धर्म की राजनीति में किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होगा ना कि उसे बढ़ावा देना है। इससे किसी प्रकार की भी सांप्रदायिक माहौल ना बिगड़े यह हमारी और आपकी जिम्मेदारी है।। जो गलती करे उन पर कड़ी कार्रवाई हो फिर चाहे वह किसी भी धर्म के हो।। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सेमरिया विधानसभा के नगर 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