विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सिंगरौली/सीधी मध्य प्रदेश के नीमच जिले में दो औद्योगिक इकाई स्थापित होने जा रही है, जिसमें कपड़ा और परिधान का निर्माण किया जाएगा, इस उद्योग से लगभग ढाई हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मध्य प्रदेश के नीमच में कपड़ा उद्योग में ढाई हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जा रहा है, इसके लिए दो कंपनियों का निर्माण हो रहा है। मध्यप्रदेश के नीमच में कपड़ा उद्योग से ढाई हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बाद सरकार कर रही है। जिस पर कंपनी 500 करोड़ रुपये के आसपास निवेश करेगी,राजस्थान की सीमा से सटे मध्यप्रदेश News के नीमच जिले में दो औद्योगिक इकाई स्थापित होने जा रही है, जिसमें कपड़ा और परिधान का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुताबिक अमृतसर से स्वराज शूटिंग प्राइवेट लिमिटेड 450 करोड रुपए का निवेश मध्यप्रदेश में करने जा रही है। इस इकाई में 2000 के लगभग लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि विश्वेश्वरैया डेनिम प्राइवेट लिमिटेड भी अपनी एक औद्योगिक इकाई नीमच जिले में स्थापित कर रही है। यहां भी 135 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा दोनों औद्योगिक इकाई की बात की जाए तो ढाई हजार लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। ऐसा प्रदेश सरकार दावा कर रही है। अगर ऐसा होता है रोजगार मिल सकता है। उद्योगपतियों को इतनी जमीन कराई जा रही उपलब्धमध्यप्रदेश में अप्रत्यक्ष रूप से और भी कई लोग रोजगार हासिल करेंगे मध्यप्रदेश के डॉ. मोहन यादव सरकार हमेशा से उद्योगपतियों के बीच इस बात को मजबूती से रखती आई है, कि मध्य प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के लिए सस्तीजमीन मुहैया करा रही है मध्य प्रदेश में मानव श्रम भी दूसरे प्रदेशों की अपेक्षा काफी सस्ता है, वर्तमान में सरकार 100 से 180 वर्ग फीट पर औद्योगिक क्षेत्र की जमीन उद्योगपतियों को मुहैया करा रही है। उद्योगपति को तीन साल के भीतर अपनी औद्योगिक इकाई को शुरू करना जरूरी है सरकार उद्योगपतियों को 33 साल की लीज पर जमीन दे रही है, दरअसल सीएम मोहन यादव ने कहा है कि, निजी जमीन पर उद्योग खोलने वालों को भी सरकार यथा संभव सभी मदद करेगी उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के अपार संभावना है जिस पर लगातार काम होता रहेगा। निवेश के लिए सबसे अच्छा राज्य हैCM ने कहा कि प्रदेश निवेश के लिए सबसे अच्छा राज्य है, यहां बिजली, भूमि, पानी और मानव संसाधन उपलब्ध है। कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। उद्योग प्रदेश के सभी अंचलों में लगें, इसलिए रीजनल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत की है। पहली समिट उज्जैन में हुई, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इनमें 1,222 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे 3,444 को रोजगार मिलेगा। इस समिट में रक्षा और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावना है। इसी तरह का आयोजन सितंबर में ग्वालियर और अक्टूबर में रीवा में होगा। सागर या दमोह में भी समिट प्रस्तावित है।मुख्यमंत्री कहा कि हम चाहते हैं कि प्रदेश में न केवल उद्योग लगे, बल्कि उत्पाद भी यहीं तैयार हों। कच्चा माल अन्य प्रांतों में न जाए, इससे रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। 25 जुलाई को तमिलनाडु के कोयंबटूर में उद्योगपतियों से चर्चा होगी, अगस्त में बेंगलुरू और सितंबर में दिल्ली में इसी तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे। मोहन यादव ने आगे कहा कि हमारा बजट विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश पर केंद्रित है। इस बजट में कोई कर नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, शिक्षा, पर्यटन सहित हमने प्रत्येक क्षेत्र में इस बजट के माध्यम से पर्याप्त धनराशि देने का प्रयास किया गया है। युवाओं के लिए प्रशिक्षण के भी कार्यक्रम सरकार द्वारा प्रारंभ किए जायेंगे। बजट में विशेषकर युवा, गरीब, महिला, किसान का ध्यान रखा गया है। आईटी सेक्टर पर विशेष ध्यान देते हुए प्रशासनिक सेवाओं में प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध किया जाएगा, इस उद्देश्य से उन्हें प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश में उनका योगदान बढ़ाने के लिए लॉन्ग टर्म योजना पर काम किया जाएगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एनसीएल विस्थापितों के विरोध के बाद बेरंग वापस लौटी नापी करने आई टीम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक आज, इन अहम प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी, जानिए।