सिंगरौली।देवसर तहसील अन्तर्गत अवैध क्लीनिक और अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों सहित झोलाछाप डॉक्टरों पर मुख्यमंत्री मोहन ने अब स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने कार्यवाही करने का आदेश जारी किया गया है। जांच हेतु एमपी न्यूज चैनल द्वारा अवैध डाक्टरों द्वारा जो जनमानस को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, उसे लेकर स्वस्थ्य कल्याण बोर्ड ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसी जगह इलाज करा कर लोग स्वयं की जान को जोखिम में ना डालें। इस संबंध में देवसर तहसील से शिकायतकर्ता ने बताया कि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा लोगों का इलाज कर उनकी जान को जोखिम में डाल दिया जाता है और ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया जाता है जहां से उनकी जान जाने का खतरा बढ़ जाता है और प्रशिक्षित चिकित्सक व उनके जीवन की रक्षा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों सहित अवैध क्लीनिक और अवैध अस्पतालों से लोगों को दूर रहना चाहिए। वहीं जन सुरक्षा की भावना को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे सभी पर कार्यवाही करने जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग लेकर कार्यवाही की जाएगी। ऐसे सभी झोलाछाप अवैध क्लीनिक और अस्पताल खुद ब खुद अपने क्रियाकलापों को बंद कर दें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।देवसर, वरिगवां, बैढ़न तहसील की अधिकतम शिकायत दर्ज हुई है, रजमिलान अन्तर्गत एक क्लीनिक संचालक बनारस से आकर यहां काफी समय से क्लीनिक संचालन किया गया है, जो शिकायत कर्ता ने बताया है आयुर्वेदिक दवा करते हैं लेकिन लोकल अंग्रेजी दवा, होम्योपैथिक दवा का जोरों पर अच्छे पैसे ऐंठने का कार्य किया जा रहा है। जिनके पास क्लीनिक का कोई दस्तावेज डिग्री लाइसेंस गुमनाम रुप से अवैध संचालित है, जिसकी टीम द्वारा जांच कराई जाए। पीड़ित लोगों का कहना है। स्वास्थ्य कल्याण बोर्ड जांच एजेंसी को दिये निर्देश। बोर्ड ने जांच टीम द्वारा निर्धारित प्रपत्र में अवैध क्लिनिक संचालकों की सारी जानकारी दर्ज कर स्वास्थ्य कल्याण बोर्ड को भेजें, जांच दौरान अगर कोई दवाब, ग़लत जानकारी या अभद्रता की जाती है वो कार्यवाही के पात्र होंगे। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य केन्द्र बीएमओ भी इन डाक्टरों से महीने में पैसे लेते हैं। जिसमें इनकी भूमिका अहम् है। कार्यवाही करना सुनिश्चित- कल्याण बोर्ड ने न्यायिक तौर पर अवैध क्लिनिक संचालकों के ऊपर कठोर कार्यवाही की जावेगी जिसमें जेल जुर्माना से दण्डित किया जावेगा। अपील की, कि झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ने से जीवन को संकट की स्थिति हो जाती है। जिसके बाद चिकित्सालयों में प्रशिक्षित चिकित्सक भी जीवन की रक्षा नहीं कर पाते हैं। उन्होंने अपील की है कि सरकारी अस्पतालों और रजिस्टर्ड अस्पतालों में ही प्रशिक्षित चिकित्सक से लोग अपना इलाज कराएं। जिससे वह किसी भी गंभीर स्थिति से बच सकें। पीएम आयुष्मान योजना से रजिस्टर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अंडर 15 ग्रीकोरोमन कुश्ती में इंदौर पहलवान अली पठान भारत का प्रतिनिधित्व करेगे। पब बार के साथ ही सड़कों पर लगने वाली मांस मछली की दुकान भी बंद हो