प्रदीप चौधरी। कलेक्टर वह नहीं होता जो कागजी आदेश निकालकर भूल जाए… कलेक्टर वह है जो जमीनी अमल कराना भी जानता हो..! ऐसे ही जमीनी कलेक्टर सीहोर के सामने आए हैं… दरअसल, जिले के कलेक्टर प्रवीण सिंह अढायच के पास शिकायत पहुंची थी कि यहां का एक निजी और प्रसिद्धी प्राप्त स्कूल छात्र-छात्राओं को एक ही दुकान से पुस्तकें खरीदने का तो दबाव बना ही रहा है, साथ ही मनमाने तरीके से फीस वृद्धि भी की जा रही है… जब कलेक्टर प्रवीण सिंह ने मामले की पड़ताल की तो शिकायत सही पाई गई और उन्होंने स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोंक दिया और सात दिन के अंदर यह राशि जमा करने के निर्देश भी दिए…. लेकिन स्कूल ने कलेक्टर के आदेश को भी गंभीरता से नहीं लिया और राशि जमा नहीं की… यह देख कलेक्टर ”सिंह इज किंग” में तब्दील हो गए और झल्लाकर पूरी प्रशासनिक टीम के साथ शिक्षा विभाग, राजस्व अमला सहित तहसीलदार वगैरह को स्कूल भेज दिया और कहा कि अगर स्कूल राशि जमा नहीं करता है तो स्कूल से पूरे 2 लाख रुपए की सामग्री जब्त कर ली जाए… टीम ने भी ऐसा ही किया… मजे की बात यह है कि स्कूल से जो कम्प्यूटर आदि सामान जब्त किया उसे नगर पालिका के कचरा वाहन में भरकर लाया गया, जो कि चर्चा का विषय बन गया और हर आमजन यही कह रहा है – ”कलेक्टर को तो ऐसा..!!” Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट ने सरकार को दी चेतावनी नीट के पेपर लीक मामले में अजब गजब मध्य प्रदेश सबसे आगे