प्रवीण कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट। नई दिल्ली:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 53वीं जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की. सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में राज्य के वित्त मंत्रियों ने भाग लिया और टैक्स संशोधन, आधार बायोमेट्रिक एकीकरण और रेलवे सेवाओं में छूट पर ध्यान केंद्रित किया। 53वीं जीएसटी काउंसलिंग बैठक आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की ऑल-इडिंया आधार पर बायोमेट्रिक-आधारित आधार प्रमाणीकरण की शुरुआत होने जा रही है. इससे हमें मामलों में फर्जी चालान के माध्यम से किए गए धोखाधड़ी वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों से निपटने में मदद मिलेगी. इस पहल का उद्देश्य फर्जी चालान जैसी धोखाधड़ी प्रथाओं पर अंकुश लगाकर कर अनुपालन को बढ़ाना है। दूध के डिब्बों पर जीएसटी रेट-सभी दूध के डिब्बों के लिए 12 फीसदी की एक समान जीएसटी रेट की घोषणा की गई, चाहे वे स्टील, लोहे या एल्युमीनियम से बने हों। पेट्रोल और डीजल जीएसटी के अंडर-केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने की अपनी राय दोहराई, राज्यों के बीच लागू कर दर पर आम सहमति बनने तक. इस कदम को पूरे देश में ईंधन पर एक समान टैक्स लगाने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय रेलवे सेवाएं-काउंसिल ने प्लेटफॉर्म टिकट पर जीएसटी छूट दी, जिसका उद्देश्य यात्रियों पर वित्तीय बोझ कम करना है। कार्टन बॉक्स के लिए जीएसटी में कमी-अलग-अलग प्रकार के कार्टन बॉक्स पर जीएसटी रेट 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दी गई. इस बदलाव का उद्देश्य इन आवश्यक पैकेजिंग सामग्रियों की कुल लागत को कम करके निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाना है। होस्टल के लिए छूट-शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छात्रावास आवास से संबंधित सेवाओं को प्रति व्यक्ति प्रति माह 20,000 रुपये तक जीएसटी से छूट दी गई. यह छूट गैर-छात्र निवासियों के लिए छात्रावास आवास को और अधिक किफायती बनाने के लिए डिजाइन की गई है. राज्यों को केंद्रीय सहायता और सशर्त लोन-वित्त मंत्री सीतारमण ने समय पर कर ट्रांसफर, वित्त आयोग अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति निपटान के माध्यम से राज्यों की सहायता करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. छोटे टैक्सपेयर के लिए GSTR 4 दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई गई-छोटे टैक्सपेयर की मदद करने के लिए, परिषद ने GSTR 4 फॉर्म में डिटेल्स और रिटर्न प्रस्तुत करने की समय सीमा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 30 जून करने की सिफारिश की. यह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रिटर्न के लिए लागू होगा. गैर-धोखाधड़ी मामलों के लिए ब्याज और दंड में छूट-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि जीएसटी परिषद ने जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत जारी किए गए डिमांड नोटिस के लिए ब्याज और दंड माफ करने की सिफारिश की है. यह छूट उन मामलों पर लागू होती है जिनमें धोखाधड़ी, दमन या गलत बयान शामिल नहीं होते हैं. अपील दायर करने के लिए नई मॉनेटरी सीमाएं-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे घोषणा की कि जीएसटी परिषद ने अलग-अलग न्यायालयों में विभाग ने अपील दायर करने के लिए मॉनेटरी सीमा निर्धारित करने की सिफारिश की है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सास – बहु का अलग पूजाघर कराता है दोनों में ये घमासान तकरार बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने कर दिया नया कांड महिला से 55 लाख हड़पने का आरोप