सरकारों ने चुनाव से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए बड़े-बड़े प्रलोभन दिए हमारी सरकार बनी तो हम आपको देंगे सबसे सस्ता सिलेंडर. पर मोदी की गारंटी जनता की उम्मीद पर खरी नहीं उतरी.सरकारी तेल-गैस कंपनियों ने लोगों को होली से पहले बड़ा झटका दे देते हुए कंपनियों ने कल से LPG सिलेंडरों के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया. दाम में यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडरों के लिए की गई है, जो महीने की पहली तारीख यानी शुक्रवार से लागू हो सकती हैं। कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 25.50 रुपये तक महंगे हो जाए गा। जबकि 14 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के भाव में कोई बदलाव नहीं होगा। गैस कंपनियों द्वारा जारी गैस रेट के मुताबिक, घरेलु 14.2 किलो का गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 903 रुपये, कोलकाता में 929 रुपये, मुंबई में 902.50 रुपये और सबसे महंगा पटना में 1001 रुपये में मिलेगा। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1795.00 रुपये। केंद्र सरकार की कई योजना का लाभ राजस्थान राज्य के नागरिकों को दिया जा रहा। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस सरकार ने राज्य में 500 रुपये में गैस सिलेंडर देती थी. ऐसे में 50 रुपये की कटौती के साथ 450 रुपये में भाजपा सरकार इस राज्य में रसोई गैस देगी।इन राज्यों में बीजेपी सरकार के बावजूद भी 450 सौ या 400 में सिलेंडर उपलब्ध नहीं है सिर्फ जुमला..!पुणे में एलपीजी की कीमत (6 मार्च 2024)पुणे में एलपीजी की कीमतें काफी हद तक कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर हैं। जब ये अधिक हो जाते हैं, तो पुणे में एलपीजी सिलेंडर की दरें भी अधिक हो जाती हैं। गरीब तबके के लिए सरकार ने इन कीमतों पर सब्सिडी दी है। पुणे की अधिकांश आबादी के लिए अब रसोई गैस आसानी से उपलब्ध है। पुणे में आज गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹906.00 है। इन्हें भारत सरकार द्वारा हर महीने संशोधित किया जाता है। एलपीजी को एक बहुत ही स्वच्छ ईंधन माना जाता है, यही वजह है कि इसे प्राथमिकता दी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस गैस के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है।बिहार में एलपीजी की कीमत मुख्य रूप से राज्य द्वारा संचालित तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती है और यह वैश्विक कच्चे ईंधन दरों के आधार पर मासिक आधार पर परिवर्तन के अधीन है। कच्चे तेल में वृद्धि से बिहार में एलपीजी दरों में वृद्धि होती है और इसके विपरीत भी। एलपीजी एक सुरक्षित और रंगहीन गैस है और इसलिए घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में इसका उपयोग काफी बढ़ गया है। भारत सरकार वर्तमान में बिहार में समाज के निम्न-आय वर्ग को रियायती दरों पर घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) प्रदान कर रही है। सब्सिडी राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। फिलहाल भारत में ज्यादातर लोगों तक रसोई गैस आसानी से पहुंच रही है। बिहार (पटना) में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत रु. 1,001.उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कीमत मुख्य रूप से राज्य द्वारा संचालित तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती है और यह वैश्विक कच्चे ईंधन दरों के आधार पर मासिक आधार पर परिवर्तन के अधीन है। कच्चे तेल में वृद्धि से उत्तर प्रदेश में एलपीजी दरों में वृद्धि होती है और इसके विपरीत भी। एलपीजी एक सुरक्षित और रंगहीन गैस है और इसलिए घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में इसका उपयोग काफी बढ़ गया है। भारत सरकार वर्तमान में उत्तर प्रदेश में समाज के निम्न-आय वर्ग को रियायती दरों पर घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) प्रदान कर रही है। सब्सिडी राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। फिलहाल भारत में ज्यादातर लोगों तक रसोई गैस आसानी से पहुंच रही है। उत्तर प्रदेश (नोएडा) में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत रु. 900.50.जयपुर में, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर काफी हद तक निर्भर हैं। जब ये अधिक हो जाते हैं, तो जयपुर में एलपीजी सिलेंडर की दरें भी अधिक हो जाती हैं। गरीब तबके के लिए सरकार ने इन कीमतों पर सब्सिडी दी है। जयपुर की अधिकांश आबादी के लिए अब रसोई गैस आसानी से उपलब्ध है। जयपुर में आज गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹906.50 है। इन्हें भारत सरकार द्वारा हर महीने संशोधित किया जाता है। एलपीजी को एक बहुत ही स्वच्छ ईंधन माना जाता है, यही वजह है कि इसे प्राथमिकता दी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस गैस के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है।मध्य प्रदेश में एलपीजी की कीमत (6 मार्च 2024)मध्य प्रदेश में एलपीजी की कीमत मुख्य रूप से राज्य द्वारा संचालित तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती है और यह वैश्विक कच्चे ईंधन दरों के आधार पर मासिक आधार पर परिवर्तन के अधीन है। कच्चे तेल में वृद्धि से मध्य प्रदेश में एलपीजी दरों में वृद्धि होती है और इसके विपरीत भी। एलपीजी एक सुरक्षित और रंगहीन गैस है और इसलिए घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में इसका उपयोग काफी बढ़ गया है। भारत सरकार वर्तमान में मध्य प्रदेश में समाज के निम्न-आय वर्ग को रियायती दरों पर घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) प्रदान कर रही है। सब्सिडी राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। फिलहाल भारत में ज्यादातर लोगों तक रसोई गैस आसानी से पहुंच रही है। मध्य प्रदेश (भोपाल) में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत रु. 908.50.मेहनत की कमाई का मोटा हिस्सा पान-गुटखा पर खर्च कर रहे लोग, एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ। जहां समय-समय पर सरकार नशा मुक्ति के लिए काम करती है और बड़े बड़े कार्यक्रम आयोजित कर जागरूक करने का कार्य करती रहतीं हैं वही इस प्रकार के अकड़े चौकाने वाले हैं। फिर भी लोग इन पर अपनी कमाई का मोटा हिस्सा उड़ा देते हैं गुटका पाउच में। फिर सरकार कितने भी अभियान चला ले कितनी भी भयानक चेतावनी दे दे, पर लोग अनदेखी करते हुए देते हैं। जिसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इन उत्पादों पर होने वाला पिछले 10 साल में काफी बढ़ गया। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 साल में पान, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों पर खर्च बढ़ा। लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा ऐसे उत्पादों पर खर्च करते पाए गए। पिछले हफ्ते जारी घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2022-23 से पता चलता है कि कुल घरेलू खर्च के एक हिस्से में पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों पर खर्च ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ गया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सागर से आ रहा विमान गुना एरोड्रम पर हुआ क्रैश। 120 हराओ, देश बचाओ!