बेबाक कलम अंकुल प्रताप सिंह, बघेल ✍️…. शहर बदला हालात बदले, बदले कई अधिकारी ना बदले जुर्म के रास्ते ना आई कोई कमी अपराध में। शहर में लगी होड़ है नंबर वन अपराध शहर होने की.! शहर में बढ़ते लगातार अपराध पर नशे का महत्वपूर्ण योगदान, नशे पर अंकुश नहीं लगा पा रही पुलिस, बेइंताह बिक रहा शहरी क्षेत्रों में नशीले पदार्थ, जो दे रहे शहर में अपराधों को बढ़ावा। बे खौफ गुंडे, सहमी हुई पुलिस. शहर को जरूरत है एक काबिल अधिकारी की..! इंदौर शहर में बढ़ते लगातार अपराधों का जिम्मेदार कौन..? शहर में पुलिस से ज्यादा गुंडे सक्रीय…! जनप्रतिनिधि भी चुप…. भोग रहे सत्ता का सुख शहर में डर से ज्यादा अपराध..! शहर में आम हुए अपराध चोरी,हत्या,डकैती,छेड़छाड़,चेन,स्नैचिंग, लूट,मारपीट, मामूली विवाद अन्य. पुलिस नहीं लग पा रही अपराधों पर लगाम, अपराधी दे रहे हैं चुनौती एक के बाद एक. शहर में पुलिस राज नहीं गुंडाराज है कायम… शहर में नहीं है पर्याप्त बल थाना क्षेत्र में, बाल से ज्यादा है अधिकारी पर अपराध पर अंकुश नाम मात्र का. कमिश्नर प्रणाली में छोटे अपराधों में पुलिस सक्रिय,पुलिस की होती अहम भूमिका. पुलिस की प्रशंसा इन कार्यों से आम जनमानस भी हैं प्रसन्न, जिसमें लगते थे लंबे समय अब हो जाते है चंद घंटे में… शहर में कमिश्नरी प्रणाली शुरू करने का उद्देश्य था अपराध पर अंकुश… पर नही… इंदौर शहर में पहले से ज्यादा हुए अपराध. कमिश्नरी लगने से अपराध में नहीं आई कमी। शहर में लगा तार एक के बाद एक वारदात होते जा रहे। साथ ही पुलिस पर भी कई सवाल खड़े हो रहे..? आम जनता अपने आप को अब शहर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही, राह चलते कोई भी कहीं भी किसी भी वक्त कोई भी घटना घट जाती है फिर चाहे वह सुबह-सुबह हो मॉर्निंग वॉकिंग करना या शाम के वक्त अपने दुकानों-दफ्तर से घर आना सुरक्षित नहीं..?कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद से अपराधों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही, कहने के लिए शहर में कई अधिकारी आए और गए पर हालात वही के वही रहे। कई क्षेत्रों के थानेदारों को जिले से ही बाहर किया गया फिर भी व्यवस्था डामाडोल नहीं हुई। ज्यादातर अपराधियों की सेटिंग बहुत बड़ी है, इसीलिए तो वह भी कहते हैं की जेल हमारी ससुराल है मेहमानी करके वापस आ जाएंगे। ऐसा ही कारनामा इंदौर के बाढ़ गंगा थाने में आया है जिससे पुलिस ने बनाया आरोपी मिली जमानत। शहर में लगातार बढ़ते अपराध लूट,डकैती, अड़ी बाजी,आर्म्स एक्ट, छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, हत्या मर्डर, लगातार शहर में हो रही है बड़ी-बड़ी वारदातें। पर पुलिस के हाथ में कुछ नहीं सबूत के नाम पर भी देखा जाए तो शायद पुलिस के हाथ खाली है..! अपराधी मिल भी जाता है तो कुछ दिनों में ही जमानत पर आ जाता है बाहर, पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं कई. ? क्या पुलिस अपना कार्य जिम्मेदारी से निर्वाहन नहीं करती। अपराधियों को ढूंढने में पकड़ने में काफी मेहनत लगती है और वह अपराधी कुछ दिनों में ही जमानत लेकर बाहर आ जाते हैं।क्या पुलिस बेवजह किसी को मोहरा बनती है ..! अपने ऊपर बने हुए प्रेशर को कम करने के लिए या फिर यूं कहे कि जो चंद घंटों में खुलासे होते हैं वह सिर्फ़ दिखावा होता है अपने ऊपर बाने हुए प्रेसर को कम कराने का कार्य किया जाता है और किसी को भी बलि का बकर बना दिया जाता.! संभवतः कहने के लिए इंदौर शहर में कई आईपीएस अधिकारी हैं,,,, एक से बढ़कर एक धुरंधर कइयों के तो अखबारों में विज्ञापन नुमा लेखा प्रकाशित होते हैं कि फलाधिकारी आए हैं तो अब अपराध पर इस प्रकार से नियंत्रण होगा पर शायद वह अखबारों में ही सीमित रह जाते है। शहर में देखते-देखते कई (IPS)आईपीएस अधिकारी आए और गए पर शहर में अपराध पर अंकुश नहीं। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र स्थित लंदन विला में डकैती मामले में सोमला को जमानत मिलने से पहले, जब सोमला को पकड़ा था तब पुलिस के द्वारा बड़ी प्रेस वार्ता की गई थी और बताया गया कि सोमल ही मास्टरमाइंड है जिसे अलीराजपुर से गिरफ्तार किया है वह भी बड़ी मेहनत और मशक्कत से, शायद चार्टशीट बनाने में पुलिस रही नाकाम. पुलिस ने अलीराजपुर से किया था गिरफ्तार आरोपी को मिली जमानत टी आई और जांच अधिकारी पर गिरी गाज किया लाइनर हाज़िर पुलिस में सिर्फ जांच अधिकारी और टीआई ही क्यों, इनके ऊपर वाले अधिकारी भी है जवाबदारी। यह अभी का है मामल ,,,05/03/2024इंदौर के बाणगंगा में व्यापारी की हत्याः बदमाशों ने किया चाकू से हमला। इंदौर के बाणगंगा इलाके में मंगलवार रात करीब 9.30 बजे सुनील (50) पिता राम नरेश पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। सुनील को उपचार के लिए (MY) एमवाए अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।सुनील बाणगंगा मेन रोड पर कचौरी समोसे की दुकान संचालित करता था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। सबसे बड़ा सवाल शहर में अपराधियों के पास बेइंतेहा नुकीले चाकू और धारदार स्पेशल चाकू आ कहां से रहे..??अभी तक पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है क्योंकि यह चाकू कोई सब्जी भाजी काटने के ठेलो में नहीं मिलते, यह स्पेशल चाकू होते हैं जिनके द्वारा वारदात को अंजाम दिया जाता है। माना की पुलिस जादूगर नहीं ना ही अंतर्यामी पर जो पावर उनके पास है वह सब और किसी के पास नहीं अगर वह पावर का इस्तेमाल सही तरीके से कर ले कोई भी अपराधी सलाखों के पीछे जाने से दूर नहीं होगा और ना ही केस कमजोर होने की वजह से जमानत मिलेगी। पुलिस का खुफिया तंत्र कमजोर……..!!!!! शहर में जारी लगातार एक के बाद एक हत्याओं का सिलसिला. ...कानून व्यवस्था ठप… कल एरोड्रम और चंदन नगर उससे पहले छत्रीपुरा में हुई थी हत्या। हत्या के बाद अब बाणगंगा में चाकुओं से गोदकर हुई हत्या। वही बाणगंगा में हुई डकैती की घटना के बाद टीआई सहित दो को हटा कर किया लाइन हाज़िर वही आज ही मिली थी आरोपी सोमला को जमानत जिसे डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया था।पुलिस के कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहे। इंदौर शहर में हत्या, लूटपाट , चेन स्नैचिंग, चाकू बाजी, छेड़ा छाड़ की घटनाएं अब आम होने लगी है, लागत है इंदौर शहर जल्द ही मुंबई बन जाए गा या तो स्वच्छता के बाद अपराध में नंबर वन होगा। कल ही एरोड्रम क्षेत्र में युवक की चाकूओ से गोदकर और चंदन नगर में वृद्ध महिला की हत्या का मामला भी सामने आया था । इससे पहले छत्रीपुरा में भी महिला की उसके ही पति ने हत्या कर दी थी। जिसके बाद अब आज बाणगंगा क्षेत्र में 58 वर्षीय वृद्ध सुनील की हत्या का मामला भी सामने आया। जब लाश लेकर परिजन एमवाय अस्पताल पहुंचे तो मौत हो चुकी थी। वहीं इस मामले की सूचना पुलिस को नही है दी गई । शायद व्यापारी के परिवार जनों को पुलिस पर भरोसा नहीं…..!!! कमिश्नरी में पुलिस को उतरना होगा खरा,,,,जितना होगा जनता का भरोसा….जानता को उम्मीद है पुलिस से बहुत कुछ एक सुरक्षित माहौल की आशा है। कमिश्नरी में छोटे अपराधों पर है अंकुश जल्द होती है इन अपराधों पर कार्यवाही। कमिश्नर साहब पुलिस के द्वारा कई शुभ लाभ के मामले भी सामने आते हैं जादा तर मामले प्रॉपर्टी से जुड़े होते हैं। इन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए की जिन थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद या अन्य ऐसे मामले जुड़े हुए हैं उन पर बारीकी से जांच की जाए नहीं तो कल को इससे भी जुड़े हुए बड़े-बड़े मामले सामने आएंगे……✍️ पुलिस को उतरना है जानता के दिलों में,भरोसा दिलाना है की हम हैं सुरक्षित शहर में. 💐 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सोशल मीडिया प्लेटफार्म Facebook Instagram भी हुआ बंद.. पांच सौ भी पार क्यों नहीं?