SDM के आदेश के बाद भी नहीं की जा रही जांच, खतरे में हैं नौनिहालों का भविष्य…. ज़िम्मेदार कोन होगा अगर हादसा हुआ तो..! बेटमा । राहुल देवड़ा.। बेटमा में शिक्षा विभाग न फरमानी के चलते हों रहीं खुली भ्रष्टाचार,,, तो कैसे होगा बच्चों का उज्जवल “भविष्य” वहीं चल रहे शिक्षा सत्र में धड़ल्ले से हो रहा फर्जी स्कूल को शिक्षा विभाग के आला अधिकारी अभयदान दे रहे। यह का आलम यह है, कि देपालपुर एसडीएम रवि वर्मा के द्वारा दिए गए श्री साँई वैली अकैडमी स्कूल की जांच के आदेश को देपालपुर बीआरसी माता प्रशाद गौड़ द्वारा हवा हवाई कर दिया गया है।। श्री साँई वैली अकैडमी स्कूल को सिर्फ पांचवी तक की मान्यता होने के बाद भी वह आठवीं तक के बच्चों को फर्जी तरीके से पढ़ाई करई जा रही। जिसकी जनकारी देपालपुर एसडीएम रवि वर्मा को मिलने के बाद उन्होंने श्री साँई वैली अकैडमी स्कूल की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, पर देपालपुर बीआरसी माता प्रशाद गौड़ के ही संरक्षण में संचालित हो रहे श्री साँई वैली एकेडमी स्कूल की जांच करने की बजाय उसे बचाने में जुए है और 9 दिनों बाद भी जांच रिपोर्ट पेश नही की। अब बीआरसी माता प्रसाद गौड के द्वारा जांच के नाम पर आनाकानी की जा रही। बीआरसी से जब शुक्रवार को जांच का पूछा गया था तो उनके द्वारा कहा गया कि स्कूल के पास पूरे डॉक्यूमेंट नहीं थे तो हम सोमवार को फिर से जांच करने टीम को भेजेगे और जब कल मंगलवार को बीआरसी से जांच रिपोर्ट का पूछा गया तो उनका यह जवाब था कि हमने स्कूल में फोन किया था तो उनके यह कोई बीमार है इसलिए जांच करने अगले दिन जाएंगे। जिससे यह साफ साबित होता है कि जिस प्रकार श्री साँई वैली एकेडमी स्कूल द्वारा फर्जी तरीके से स्कूल संचालित किया जा रहा था उसमें पूरा संरक्षण देपालपुर बीआरसी माता प्रसाद गौड का ही था । और जब स्कूल की शिकायत देपालपुर एसडीएम के पास गई तब स्कूल को बचाने में बीआरसी साहब जुट गए ।।वहीं इस विषय में इनका क्या कहना है….मैं कल बीआरसी से जांच रिपोर्ट मांगूंगा बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे…रवि वर्मा देपालपुर एसडीएम(SDM) Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पुरस्कार नमक या नमक पुरस्कार! 2.13 लाख किसानों का 30 लाख टन धान अनबिका, अधिकांश सीमांत और लघु, आदिवासी-दलित किसान : किसान सभा ने की पुनः खरीदी शुरू करने की मांग