इंदौर। प्रदीप चौधरी, संभाग ब्यूरो चीफ। रिपोर्टर,सलमान अंसारी। https://www.instagram.com/reel/C1bkkrORkJ-/?igsh=MnNydmZ5dzMwNG52 एक्सीडेंट वीडियो. इंदौर में रोड पर चलती ई रिक्शा पलट गई। पलटी खाते ही लोग की भीड़ जमा हो गई, ई रिक्शा को सीधा कर सवारी को बाहर सुरक्षित निकाला गया।मिली जानकारी अनुसार अनियंत्रित और बिना दिशा निर्देश के चलती है ई रिक्शा, स्पीड और ओवरटेकिंग भी बनी हुई है हादसे का कारण। अब अगर बात करें इंदौर ट्रैफिक पुलिस की तो … ई रिक्शा चालक पुलिस के नाक के नीचे से ही वाहन चलाते हुए निकल जाते हैं, पर मजाल है कि जू रेंग जाए। कई बार तो ई रिक्शा चलाते बच्चे भी नजर आते हैं पर पुलिस देखकर अनदेखा कर देती । ई रिक्शा चालकों ने रिक्शा को बना दिया मजाक खिलौना समझ कर चलते हैं ई रिक्शा को। देखा जाए सुरक्षा के हिसाब से तो ई रिक्शा फिटनेस में भी खरी नहीं, ना ज्यादा मजबूत है। क्योंकि ई रिक्शा बनाई जा रही है लोकल स्तर पर जहां गुणवत्ताहीन (लो क्वालिटी) के समान इस्तेमाल कर ई रिक्शा को तैयार किया जा रहा। वही इंदौर शहर स्वच्छता से लेकर अन्य चीजों में भी नंबर वन बनता जा रहा है, वहीं यातायात सुधार के लिए भी कार्य किया जा रहा है पर, ई रिक्शा वाहन भी यातायात के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा। जहां चाहा रोक दिया जहां चाहा मोड़ दिया, ओवर स्पीडिंग ओवरलोडिंग के साथ हादसा होना तैया हैं। आज दोपहर की घटाना है इंदौर के रीगल चौराहे की जहां पर सवारी से भरा हुआ ई रिक्शा पलट गया। महिलाएं और बच्चे भी थे सवार वाहन में, खैर कोई बड़ी दुर्घटना तो नहीं हुई पर हो सकती थी अगर कोई पीछे से बड़ी गाड़ी आती होती तो.!! फिर घटनाओं का जिम्मेदार कौन ..?बिना कहीं देखें जहां चाहे ब्रेक लगा देते हैं जहां चाहे गाड़ी रोक देते हैं सवारी की लालच में लाइन लगा देते हैं फिर चाहे पीछे से आ रही गाड़ियों का एक्सीडेंट हो जाए। ऐसा लगता है जैसे नियम कायदे कुछ है ही नहीं, क्योंकि यह तो ई रिक्शा चला रहे हैं ना की ऑटो जिसको चलाने के लिए हजारो रुपए की परमिट लगती है ,सारे नियम कायदे लगते हैं पर यह ई रिक्शा है, ये नियम कायदे से प्रभावित नहीं होते।इंदौर रीगल सड़क हादसे में ई रिक्शा की चपेट में आया साइकिल सवार,रिक्शा में सवार थी महिलाएं और मासूम बच्चे,मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों और महिलाओं को निकाला बाहर, हादसा टला तेज रफ्तार में दौड़ रही थी ई रिक्शा।संपादकीय….NNW. बड़ी जिम्मेदारी यातायात की बनती है, साथी बड़ी जिम्मेदारी चेकिंग अधिकारियों भी बनती है। ओवरलोडिंग की बात है तो ऑटो से लेकर ई रिक्शा तक ओवरलोडिंग होती है। ई रिक्शा ऑटो दोनों ही सुबह-सुबह छोटे-छोटे मासूम बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का कार्य करते है उस वक्त भी लापरवाही बरती जाती है। वहीं स्कूलों में अटैचमेंट वैन, स्कूल वैन में भी ओवरलोडिंग की जाती है पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती। जिम्मेदार आला अधिकारी इस ओर भी ध्यान दें। एक्सीडेंट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय गति एवं बैलेंस पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है बैटरी ऑटो रिक्शा की चौड़ाई सीमित होती है यदि इसे ज्यादा गति पर चलाया जाएगा तो दुर्घटना की ज्यादा संभावना है बनी रहेगी– महासंघ राजेश बिडकर इंदौर। सलमान अंसारी। ई रिक्शा चालक अपनी मनमानी करते है कोन दे रहा है इनको सरक्षण प्रशासन भी ई रिक्शा पर ध्यान नहीं दे रहा । ओवर लोडिंग और 8,10 सवारी बिठा रहे है ई रिक्शा चालक ये इस लिए इतनी सवारी ले रहे है, क्युकी इन्हे बोलने वाला कोई नहीं हे कोई अधिकारी हाथ नही देता। यह पहल हादसा नही है ,कई हादसे हो चुके हे पूर्व में बैटरी भी फट चुकी हैं । और तो और नबालिग बच्चे और बच्चियां भी ई ऑटो चलते हैं और इन के पास लाइसेंस भी नही है और नही इनकी कोई पहचाना हैं, ना कोई वर्दी न नेम प्लेट। इस हादसे का कोन है जिम्मेदार प्रशासन या ड्राइवर। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 2023 के पार, नये के आसार!(आलेख : राजेंद्र शर्मा) सिंगरौली जिले के कई जगहों पर महसूस किया गया भूकंप के झटके