इंदौर। प्रदीप चौधरी। इंदौर डीसीपी, यातायात प्रबंधन ने बताया की अब स्कूल प्रतिनिधियों की बैठक लेकर, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के संबंध में चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल / कॉलेज बसों के संबंध में दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैयारी तीव्र…हमारा लक्ष्य:- सुगम, सुरक्षित, सुखद यातायात… इंदौर में 20 दिसम्बर बुधवार को पुलिस उपायुक्त, यातायात प्रबंधन, नगरीय मनीष कुमार अग्रवाल के द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन व स्कूली छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमो के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में प्रतिनिधियों की मीटिंग ली गई। जो की एक ट्रैफिक पुलिस द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा , बच्चो में जागरुकता के लिए। वहीं पहले चरण में 50 स्कूलों से प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बीच आला अधिकारी यातायात प्रबंधन पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुशील कुमार तिवारी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अरविंद कुमार तिवारी, सहायक पुलिस आयुक्त नरेश कुमार अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार खत्री, सहायक पुलिस आयुक्त किरण कुमार शर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक सुप्रिया चौधरी, निरीक्षक अर्जुन सिंह पँवार व आर आई ग्रुप सेआरती मौर्य व राकेश शर्मा उपस्थित रहे।इंदौर डीसीपी, यातायात प्रबंधन के द्वारा कहा गया कि माता-पिता, अभिवावक अपने बच्चों को आपके भरोसे स्कूल भेजते हैं, ऐसे में आपकी ज़िम्मेदारी बनती है, कि उनके सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए गए नियमो व दिशा निर्देशों का पालन किया जाए। इसके लिए स्कूली बसो के चालकों का चरित्र प्रमाण पत्र बनवाया जाए, यह भी सुनिश्चित करें कि वह शराब पीने का आदि तो नहीं, स्कूल बस चालक का समय-समय पर नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए। स्कूल बसों में पर दिए गए सुरक्षा उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स की जांच समय-समय पर होनी चाहिए। एक्सपायर डेट चेक करें, बसों में लगे सीसीटीवी कैमरा की जांच की जानी चाहिए की चालू है या नहीं। बस की इमरजेंसी डोर की भी जांच होनी चाहिए, जिससे इमरजेंसी में आसानी से खुल जा सके।वहीं बसों का नियमित या सप्ताहिक फिटनेस चेक करें टायर, गियर, इंजन की सर्विस जांच करवानी चाहिए। बस चालक परिचालक निर्धारित यूनिफॉर्म ही पहने बच्चों को निर्धारित सुरक्षित पिकअप एवं ड्रॉप प्वाइंट पर से ही बिठाए और छोड़े। इस दौरान प्रजेंटेशन के माध्यम से यातायात के आधारभूत नियमो की जानकारी दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल / कॉलेज बसों के संबंध में दिशा निर्देश जारी किया गया है उसे बताना चाहिए। यह मार्गदर्शी दिशा निर्देश है…1. स्कूल बस पीले रंग से रंगी होनी चाहिए।2. बस के आगे और पिछे “स्कूल बस” अनिवार्यतः लिखा जाना चाहिए यदि बस किराये पर ली हुई है तो उस पर स्पष्ट रूप से ” ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा जाना चाहिए।3. प्राथमिक चिकित्सा पेटी होना अनिवार्य है। 4. बस की खिड़कियों में आड़ी छडे (ग्रील) लगाई जाना चाहिए।5. बस में अग्निशामक यंत्र होना चाहिए। 6. बस पर विद्यालय का नाम और दुरभाष नंबर लिखा होना चाहिए।7. बस के दरवाजों पर विश्वसनीय ताले (लॉक) लगे होने चाहिए।8. बच्चों के स्कूल बेग सुरक्षित तरीके से रखने के लिए सीट के नीचे स्थान होना चाहिए।9. बस में बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित परिचालक होना चाहिए।10. कोई भी पालक या अभिभावक या शिक्षक भी बस में बैठकर इन सुरक्षा उपायों की जाँच के लिए यात्रा कर सकते है। 11. बस चालक को भारी वाहन चलाने का कम से कम पाँच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। 12. बस में निर्धारित मापदंड की गति नियंत्रक होना चाहिए जिसकी अधिकतम सीमा 40 हो सकती है।13. बस चालक को बच्चों की पुरी सुची लेनी होगी जिसमें बच्चे का नाम, कक्षा, आवासीय पता, रक्त समूह और स्टॉप पेज अंकित होना चाहिए। छोटे बच्चों के मामले में अधिकृत व्यक्ति समूह और माता पिता द्वारा बच्चे को निर्धारित स्थान से पिक करने की जानकारी 14. किसी ऐसे व्यक्ति को चालक नियुक्त नही किया जा सकता जिसे वर्ष में दो बार लाल बत्ती संकेत तोड़ने, सड़क लेन अनुशासन भंग करने या अनाधिकृत व्यक्ति को गाड़ी चलाने की अनुमती देने जैसे अपराधों के लिए न्यायालय द्वारा दंडित किया गया हो।15. यदि किसी चालक एक बार भी निर्धारित गति से अधिक तेज गति से गाडी चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने या खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने के लिए चालान बनाया गया हो तो उसे नियुक्त नही किया जा सकता ।16. मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 की धारा 2 (47) के अनुसार शैक्षणिक संस्था की बस एक परिवहन वाहन है और उसे सड़क पर चलने के लिए अनुमति की आवश्यकता है परिवहन वाहन होने के कारण इसे प्रत्येक वर्ष सक्षमता परीक्षण (फिटनेस टेस्ट) से गुजरना आवश्यक है, जिसके बिना इसकी अनुमति का नवीनीकरण नही हो सकता।कृपया जिम्मेदार नागरिक बनें, यातायात के नियमों का पालन कर, सावधानी से वाहन चलाएं, स्वयं सुरक्षित रहें व दूसरों को भी सुरक्षित रखें Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मीलार्ड, फैसला मिला है, न्याय नहीं! किसान सभा ने कहा : आदिवासी अधिकारों और कानूनों का सम्मान करें भाजपा सरकार, हसदेव के आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग