इंदौर। प्रदीप चौधरी।(BJP)भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक तिहाई उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए यह भी जता दिया कि पार्टी अब किसे मुख्यमंत्री बनाएगी। राजनीतिक जानकारों की माने तो नरेंद्र सिंह तोमर अगले मुख्यमंत्री होंगे ।सोमवार को जारी सूची के बाद अब यह अनुमान सामने आए है। उधर पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने खुद को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर जो जवाब दिया उससे भी यह साबित होता है कि उन्हें भी पता है कि आने वाले दिनों में क्या होने वाला है।खुद को CM बनाए जाने के सवाल पर ये जवाब दिया कैलाश विजयवर्गीय ने.नरेंद्र तोमर केंद्रीय मंत्री है। उन्हें यदि विधानसभा लड़ाया जा रहा है तो वे प्रदेश राजनीति में मुख्यमंत्री से कम पर क्यों आयेंगे? *इंदौर। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा टिकट मिलने पर की प्रेस वार्ता* *सुनिए क्या कहा टिकट को लेकर*https://youtu.be/HXDnioO1rBM*वाट्सअप चैनल लिंक*https://whatsapp.com/channel/0029Va9UdxTJZg40vhZEsH47वे प्रदेश की राज्य चुनाव समिति के अध्यक्ष भी है। जीत का सेहरा भी उन्हें हो बांधा जाएगा!दूसरा नरेंद्र तोमर की कद का दूसरा नेता प्रदेश में है नही। ग्वालियर चंबल के होने के कारण वे सिंधिया को भी समायोजित करने में सहायक साबित होंगे।कैलाश विजयवर्गीय चूंकि राष्ट्रीय महासचिव है और उनकी संगठन क्षमता का अन्य राज्यों में भी संगठन उनका उपयोग कर सकता है इस कारण भी वे राज्य की राजनीति से ज्यादा संगठन में प्रभावी भूमिका में रहने के भूमिका में रहना पसंद करेंगे।सवाल उठता है कि फिर कि कैलाश विजयवर्गीय को क्यों लड़ाया जा रहा है,विधानसभा में।कैलाश विजयवर्गीय खुद चुनाव लड कर खुद अपने बेटे के भविष्य को दांव पर क्यों लगा रहे है? दरसल कैलाश विजयवर्गीय को अगामी लोकसभा चुनाव इंदौर से लड़ाने की पार्टी की कोशिश होगी। वे विधानसभा जीत कर अपनी सीट खाली कर उपचुनाव में आकाश को मैदान में पुन:उतार कर विधानसभा भेज देंगे। और खुद कैलाश विजयवर्गीय इंदौर से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे ऐसी संभावना पूरी पूरी दिखाई दे रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आर्म्स लाइसेंसधारी जवा थाने में उपस्थति होकर दर्ज कराए अपने नाम। प्रदेश में पुलिस विभाग के सामान्य अवकाश पर लगा प्रतिबंध