(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)देख लीजिए, बहनों-भाइयों, सॉरी परिवारजनों, अब विरोधियों का बायकॉट गैंग भी मैदान में उतर गया। सिर्फ एक गरीब के बेटे की कुर्सी हिलाने के लिए, ये सारे इकट्ठे हो गए हैं गैंग बनाकर, बेचारे गोदीसवार एंकरों का बायकॉट करने। पहले आजादी-आजादी करने वाला टुकड़े-टुकड़े गैंग भेजा। फिर एवार्ड वापसी गैंग उतार दिया। और भी कई छोटे-मोटे गैंगों को भेजा। आखिर में भारत जोड़ो गैंग को आगे कर दिया। और अब ये बायकॉट गैंग ले आए। ये भारत माता के खिलाफ हमला है। ये हिंदू, सॉरी सनातन धर्म के खिलाफ हमला है। मेरे प्यारे परिवारीजनों, ये तुम्हारे परिवारी जन यानी हमारे परिवार के खिलाफ हमला है। क्या इस हमले से आप अपने इस परिवार-जन की रक्षा नहीं करेंगे? इन गिरोहों के सामने क्या अपने परिवार-जन को अकेला छोड़ देंगे? कभी नहीं। मेरा पक्का विश्वास है कि आप हर कीमत पर अपने परिवार-जन को बचाएंगे, अपने परिवार को बचाएंगे। परिवार तो भारतीय संस्कृति की धुरी है। आप परिवार की रक्षा के कर्तव्य से कैसे मुंह मोड़ सकते हैं? और प्लीज, परिवारवाद से मुक्ति की मेरी पुकारों को, परिवार की रक्षा की इस पुकार से कोई न मिलाए। दोनों में पहले परिवार लगा होने से क्या हुआ; वहां वाद है, यहां रक्षा है, दोनों को कोई कैसे मिला सकता है!और प्यारे परिवारीजनों, इस बायकॉट गैंग के झूठे बहानों में आपको कत्तई नहीं आना है। इनकी निगाहें कहीं पर हैं और निशाना कहीं और है। एलान है नफरती एंकरों के बायकॉट का, लिस्ट गोदीसवार सवार एंकरों की जारी कर रहे हैं, पर निशाना एंकरों को बैठाने वाली गोदी पर है। बताइए, दावा कर रहे हैं कि ये मोहब्बत वाले हैं, इसलिए नफरत फैलाने में नफरती एंकरों की मदद करने से दूर रहना चाहते हैं। दावा मोहब्बत वाला होने का और बेचारे नफरती एंकरों से इतनी नफरत, कि उनके प्रोग्राम में अब और शामिल नहीं हो सकते! और अब ऐसा क्या हो गया कि अब और शामिल नहीं हो सकते। पहले भी तो वही एंकर थे, वही प्रोग्राम थे, वही नफरत का कारोबार था, तब तो बायकॉट नहीं किया। गैंग बनाकर छोड़ो, अकेले-अकेले भी किसी ने बायकॉट नहीं किया। फिर अभी बायकॉट क्यों? चुनाव आ रहा है इसीलिए ना? यानी बहाना कुछ भी करें, निशाना आपके परिवार वाले की कुर्सी पर है। दावा नफरत से नफरत करने का करते हैं, पर इन्हें तो आपके परिवार वाले से, आप के परिवार से यानी आप से नफरत है। अगर मोहब्बत है, तो सिर्फ मेरी कुर्सी से।प्यारे परिवारजनों, ये बायकॉट गैंग तो डैमोक्रेसी का बायकॉट कर रहा है। यह गैंग तो लोकतंत्र के चौथे खंभे का बायकॉट कर रहा है। यह गैंग तो प्रैस की स्वतंत्रता का बायकॉट कर रहा है। यह गैंग तो सारी दुनिया से भारत को डैमोक्रेसी की मम्मी मनवाने के हमारे अभियान का बायकॉट कर रहा है। यह गैंग तो प्रैस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत को तली में पहुंचाने का बायकॉट कर रहा है। यह गैंग दुनिया में भारत की शान बढ़ाने का बायकाट कर रहा है। और यह सब किस बहाने से कर रहा है — पीएम मोदी ने तो नौ से ज्यादा से सारे मीडिया का बायकॉट कर रखा है। हम तो फिर भी…। अब ये मोदी की बराबरी करेंगे? दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता की बराबरी! विश्व गुरु की बराबरी! अब इसका और क्या सबूत चाहिए कि इस बायकॉट गैंग का भी निशाना, आपके मोदी की कुर्सी पर है। सो इनके बायकॉट को डैमोक्रेसी पर हमला समझना, चाहे दूसरी इमर्जेंसी समझना या चाहे जो समझना, मेरे परिवार-जन आप बस गांधी वाला बायकॉट मत समझना। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अब सीधे ऊपर से सलेक्शन! रीवा जिले की आठो विधानसभा सीटों में कांग्रेस प्रत्यासियो की दावेदारी जारी,अभी नही हो रहा स्पस्ट।