अभी भी कंप्लीट नही हुई गौशाला, आनन फानन में विधायक के द्वारा किया गया लोकार्पण।आहरित राशि के भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में सिरमौर जनपद सीईओ को दिया गया था आवेदन।जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा नही की जा रही जांच,न ही दी जा रही जानकारी। सिरमौर/ कुशमेन्द्र सिंह। रीवा जिले के सिरमौर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरी के गौशाला निर्माण में पूर्व में ही इंजीनियर भोला पटेल के ऊपर जमकर भ्रस्टाचार करने का आरोप लगा हैं लेकिन विभागीय निष्क्रियता के चलते आज तक न ही कोई जांच हुई,न ही कोई कार्यवाही की गई। इसके बाद उक्त अधूरे कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप सिंह को सौंपी गई जिनके द्वारा पुनः घटिया ईंटा, बालू, लोहा,चद्दर व अन्य सामग्रियों के द्वारा गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कराया गया जो अभी भी कार्य अधूरा है जिसकी राशि भी 22 लाख के बीच निकाली गई है लेकिन आज भी उक्त गौशाला का जांच की जाए तो अधूरे निर्माण कार्य की हकीकत सामने आ सकती है।जिसका लोकार्पण भी स्थानीय विधायक दिव्यराज सिंह के द्वारा आनन फानन में किया गया उस दौरान श्री सिंह ने कहा था कि अब किसानों को आवारा पशुओं से निजात मिलेगी लेकिन गौशाला में एक भी आवारा पशु नही दिखे बल्कि गौशाला के बाहर और किसानों के खेत मे पशु दिख रहे है।इसी तरह से पूरे सिरमौर विधानसभा की बात करे तो कागजो में गौशाला तो है लेकिन ज्यादातर गौशालाओं में गाये नही है और दिन रात्रि किसान अपने खेत की तकवारी करते नजर आते है। वही उमरी गौशाला में हुए भ्रस्टाचार की जांच को लेकर उपसरपंच उमरी विपिन मिश्रा पिता दामोदर प्रसाद निवासी उमरी द्वारा विषयांकित सचिव के नियुक्ति दिनांक से लेकर आज दिनांक तक ग्राम पंचायत के राशि के आहरण के संबन्ध में सिरमौर जनपद पंचायत के सीईओ को आवेदन देकर जानकारी मांगी गई थी लेकिन जनपद सीईओ के मिलीभगत व निष्क्रियता के चलते 1 माह बाद भी कोई जानकारी नही दी गयी। मांगो में सचिव द्वारा आज दिनांक तक गौशाला निर्माण कार्यो में करीब 22 लाख एवं अन्य निर्माण कार्यो में करीब 5 लाख राशि का आहरण किया गया है जबकि आहरण के अनुरूप घरातल पर 20% भी कार्य नही हुआ है।इसी तरह से पंच परमेश्वर के निर्माण कार्यो सहित अन्य कार्यों के लिए 25 लाख के करीब राशि आहरण किया गया है जबकि आहरण के अनुरूप धरातल में कार्य नही हुआ है और न ही सामान्य रेट में सामग्री की खरीदी की गई है जिसकी जांच एवं जानकारी हेतु सिरमौर जनपद पंचायत सीईओ को आवेदन दिया गया लेकिन आज तक न ही कोई जांच हुई,न ही मांगी गई जानकारी के संबंध में जानकारी दी गयी है जिससे साबित होता है कि उक्त मामले में जनपद सीईओ का हाथ है।सवाल यही की पूरे जिले के हर ग्राम पंचायतों में जमकर हो रहे भ्रष्टाचार पर जिला सीईओ रीवा और जनपद पंचायत सीईओ मौन क्यो? Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ST/SC के मामले में युवक हुआ बरी, चोरहटा पुलिस थाने में दर्ज थी एफआईआर। अब सीधे ऊपर से सलेक्शन!