निर्मल मूंदड़ा रतनगढ़नगर वासियो ने धुमधाम से सभी पैदल यात्रियों को विदाई देकर की, ईश्वर से सकुशल यात्रा की मंगल कामनाभगवान श्री गोवर्धन नाथ मंदिर रतनगढ से प्रारम्भ हुई यात्रा मे पैदल यात्री 10 दिन मे तय करेगे 250 कि. मी.से भी अधिक दूरी का सफरश्री चारभुजा मित्र मंडल जिला नीमच के तत्वावधान मे रतनगढ से प्रति वर्षानुसार श्री चारभुजा नाथ गढबौर धाम,जिला राजसमंद राजस्थान तक निकाली जाने वाली विशाल पैदल यात्रा की शुरुआत स्थानीय श्री गोवर्धन नाथ मंदिर रतनगढ से हुई।राजेन्द्र मंडोवरा के नेतृत्व मे आज से 32 वर्ष पूर्व रतनगढ से मात्र 7 व्यक्तियो से शुरु हुई इस पैदल यात्रा का इस वर्ष 33 वां वर्ष है। श्री गोवर्धन नाथ मंदिर रतनगढ से प्रारंभ हुई पैदल यात्रा-दिनांक 15 सितम्बर शुक्रवार को दोपहर 3:15 बजे भगवान श्री गोवर्धन नाथ मंदिर पर पूजा अर्चना के पश्चात यात्रा प्रारंभ हुई। इस वर्ष रतनगढ़ से यात्रा मे जाने वाले भक्तो मेतरुण मूंदड़ा, दिपक कोली, प्रहलाद सिंह राजपूत, डूंगरसिंह राजपूत, आशीष सोनी, दिनेश धाकड़, झुम्मकलाल सोनी, लोकेश अग्रवाल ‘चिंटू’, भोपाल सिंह राजपूत, हरिश माली, किशोर राठोर, कमलेश माली, प्रेमसिंह राजपूत, राजेश लोहार, नानालाल धाकड़, किशन गुर्जर, कमलेश राजपूत, पवन माली, राहुल प्रजापत, सत्यनारायण बागवान, रितेश अग्रवाल, कोमल सिंह राजपूत, लखन माली, पवन प्रजापत, समरथ पाटीदार, जगदीश मंडोवरा, गोपाल कुमावत, कन्हैयालाल धाकड, छितर गुर्जर, अनिल छिपा ‘टेणु’ सहित कुल 30 पैदल यात्रियों के दल को रतनगढ से अबीर गुलाल लगाकर लाल गमछा औढाकर रवाना किया गया।*नगर वासियों ने पुष्प वर्षा एवं स्वल्पाहार से किया स्वागत-* सभी पैदल यात्रियों एवं विदाई देने वाले नगर वासीयो को व्यापारियों व समाज सेवियों ने अपने संस्थानों पर पुष्प वर्षा व स्वल्पाहार से स्वागत किया।नगर परिषद परिसर पर अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, सीएमओ एवं कर्मचारियों द्वारा स्वागत सत्कार किया गया।इसके पूर्व सभी यात्री एवं नगर वासी श्री चारभुजा नाथ के जयकारे लगाते हुए सुमधुर भजनो की धुन पर नाचते गाते ढोल ढमाको के साथ नगर के सभी प्रमुख मार्गो से होते हुए नगर के बाहर स्थित डेर वाले वाले बालाजी मंदिर पर पहुंचे। जहां महा आरती एवं प्रसाद वितरण के पश्चात नगर वासीयो ने सभी पदयात्रियो को विदाई दी।*250 कि.मी. से अधिक का सफर 10 दिनों में तय करेंगे पैदल यात्री-*दिनांक 15 सितंबर शुक्रवार को दोपहर 3:15 बजे भगवान श्री गोवर्धन नाथ मंदिर रतनगढ़ से प्रारंभ हुई यात्रा डिकैन मे रात्रि विश्राम कर दिंनांक 16 सितम्बर शनिवार को डिकैन से प्रातः8 बजे रवाना हुई।सभी यात्री मोरवन होते हुए जावद मे पहुंच कर रात्रि विश्राम करेंगे।17 सितम्बर रविवार को नीमच, जावद, सरवानिया महाराज से प्रस्थान कर नयागांव में सभी एक झंडे बैनर तले पहुंच कर निंबाहेड़ा में रात्रि विश्राम करेंगे,18 सितम्बर सोमवार को निंबाहेड़ा से प्रस्थान कर आंवरी माता में रात्रि विश्राम,19 सितम्बर मंगलवार को आंवरी माता से प्रस्थान कर श्री सांवरिया जी मण्डफिया होते हुए शनिदेव जी मे रात्रि विश्राम, 20 सितम्बर बुधवार को शनिदेव जी से अकोला होते हुए फतेहनगर मे रात्रि विश्राम, 21 सितम्बर गुरुवार को फतेहनगर से प्रस्थान कर श्री नाथद्वारा मे रात्रि विश्राम, 22 सितम्बर शुक्रवार को श्री नाथद्वारा से चलकर श्री रामेश्वरम् महादेव मे रात्रि विश्राम, 23 सितम्बर शनिवार श्री रामेश्वरम् महादेव से चलकर श्री चारभुजा नाथ गढबौर धाम के दरबार में पहुंच कर रात्रि विश्राम करेंगे। 24 सितम्बर रविवार को श्री चारभुजा नाथ से श्री रुपनारायण, रौकडिया हनुमान जी के दर्शनो के पश्चात 25 सितम्बर सोमवार को श्रीचारभुजा नाथ में एकादशी महोत्सव में भाग लेंगे। दिनांक 26 सितम्बर मंगल वार को प्रात: 9:30 बजे श्री चारभुजा नाथ को महाप्रसादी का भोग लगाकर दोपहर 12:30 बजे पुनःघर वापसी होगी। इस पैदल यात्रा को लेकर नीमच जिले ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में भी एक अलग ही उत्साह एवं उमंग का वातावरण है।यात्रियों को विदाई देने के अवसर पर रतनगढ़ मे अनिल सोडानी, शांतिलाल मंडोवरा, ओमप्रकाश मूंदड़ा, राजेश लढा, अशोक मूंदड़ा, बृजमोहन वैष्णव, राजेन्द्र मंडोवरा टीवी, हंसमुख सोनी,प्रकाश लढा,राकेश खटोड़, लोकेश राठोर, सुरेश मंडोवरा,कृष्ण गोपाल लढा, कैशव सोनी, केलाश परवाल, सांवरिया मूंदडा, ललित चौबे, निलेश मंडोवरा, कमल शर्मा, किशन मंडोवरा, मनिष छिपा, किशन माली, कमल राठोर, निर्मल मूंदड़ा, त्रिलोक शर्मा श्री राम प्रिंटिंग प्रेस नीमच सहित बडी संख्या मे श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित थे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कैसे हो हमारी डिजिटल लाइफ में सुरक्षा के उपाय, अरिहंत कॉलेज के स्टूडेंट ने जाने, इंदौर पुलिस की क्लास में। सोने की थाली और भारतीय संस्कृति