खनिज विभाग और प्रदूषण विभाग पर लगा मैनेजमेंट करने का आरोप।मीडिया के सवालों से भागते नजर आए जांच करने आए NGT अधिकारी और खनिज अधिकारी रीवा।सन्तुष्ट नही होने पर शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारियों के आवेदन में नही किये हस्ताक्षरकुशमेन्द्र सिंह। रीवा/ खबर मध्य प्रदेश के रीवा जिला अंतर्गत गुढ़ विधानसभा के भलुहा और रामनई ग्राम पंचायत के पहाड़ से है जहा पर खनिज माफियाओं के द्वारा अवैध खनन करके अवैध रूप से क्रेशर संचालित किया जा रहा था जिसकी शिकायत एनजीटी में पेटीशनर अनुपम पटेल के द्वारा की गई थी शिकायत पर एनजीटी से जांच दल का गठन किया गया जिसमें कल दिनांक 31/08/23 को जांच करने घटना स्थल पर रीवा के प्रदूषण अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला,खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित,वीर सिंह, जिला अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह के साथ साथ बाहर से जांच करने आये अधिकारी सम्मिलित थे जहा पर देखा गया कि क्रेशर संचालकों के द्वारा ग्राम भलुहा में आस्था स्टोन क्रेसर और रामनई में अवैध क्रेशर संचालित किया गया था जो खनिज अधिकारी रीवा प्रदूषण विभाग रीवा के सह पर अवैध खनन और क्रेसर चालू था जिसकी शिकायत के बाबजूद भी प्रदूषण अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला द्वारा NOC दिया गया था और खुले आम अवैध खनन का इस्तेमाल किया जा रहा था शिकायत पर खनिज विभाग द्वारा आस्था स्टोन क्रेसर को सीज किया था लेकिन चोरी छिपे सीज क्रेसर को चलाया जा रहा था जब जांच टीम आने की शिकायत मिली तो क्रेसर मालिक व खनिज माफिया संतोष शर्मा ने क्रेसर को कटवा दिया था ताकि किसी को हक़ीक़त का पता न चले ऐसा शिकायतकर्ता ने बयान दिए है उस दौरान शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने बताया कि ये पहाड़ 180 फिट से ऊपर था लेकिन अवैध उत्खनन से आज पहाड़ खाई में तब्दील हो गया हैं जो बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है वही ग्रामीणों ने बताया कि इस खाई में अभी तक मे कई जानवरों की जान जा चुकी है वही निरीक्षण के दौरान एक गाय खाई में गिरी हुई थी जो पानी, चारे के लिए तरस रही थी लेकिन देख कर एनजीटी जांच की टीम द्वारा गाय को निकालने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2004 से लगातार बिना परमिट के खनिज अधिकारी रीवा के सह पर लगातार उत्खनन जारी है जिसे आप फ़ोटो और वीडियो के माध्यम से देख सकते है कि किस तरह शासकीय संपदा का दोहन किया गया है और अपनी और खनिज अधिकारी का जेब भरा जा रहा है लेकिन प्रशासन के द्वारा शिकायत के बावजूद भी आज तक कोई कार्यवाही करने की जुर्रत नही की गयी। जांच के दौरान मीडिया के द्वारा जानकारी लेने की कोशिश की गई तो जांच अधिकारी वहां से भागते नजर आए जब जांच अधिकारी से पूछा गया तो बोले क़ी विजिट करने आए है कोई जांच नहीं कर रहा हूं ना ही मैं किसी प्रकार की मीडिया को जानकारी देना उचित समझता हूं जिससे साबित होता है कि एनजीटी टीम कहीं ना कहीं अधिकारियों और खनन माफियाओं को लाभ देने का प्रयास कर रहे थे जो सिर्फ क्रेशर संचालकों और खनिज माफियाओ को बचाने मात्र खानापूर्ति की जाती रही थी जहा पर शिकायतकर्ता ने जांच से संतुष्ट नही होने पर आवेदन पर हस्त्ताक्षर नही किये। सवाल यही की आखिर कब तक में खनिज माफियाओ और संबंधित खनिज अधिकारी पर कार्यवाही होगी।ताकि बेजुबान जानवरो और शासकीय संपदा को बचाया जा सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ये यूपी जनाब बा! गोवर्धनम फाउंडेशन के मनगवां प्रभारी अतुल पांडेय के द्वारा फूल गांव में आयोजित किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर।