इंदौर। इंदौर पुलिस के द्वारा अयोजित पुलिस पंचायत बुजुर्गों की आशाओं पर खरा उतर रहा। पुलिस में बुजुर्ग महिला ने की शिकायत की किराएदार द्वारा लाखों रुपए किराए के नहीं दिए जा रहे हैं। इस समस्या का हल,काउंसलिंग कर समाधान किया। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत इंदौर के लगातार प्रयासों से, बुजुर्गों को मिल रही है राहत और आशा की किरण,आत्मा विश्वास पुलिस पर जागा जागा…सीनियर सिटीजन की समस्याओं के समाधान के लिए इंदौर पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत का संचालन किया जाता है। जहां पर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) जगदीश डावर के द्वारा वरिष्ठजनों से प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए प्रत्येक बुधवार को काउंसलिंग कर, बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान हेतु हरसंभव प्रयास करते हैं। वहीं इसी कड़ी में आज बुधवार को (दिनांक 16.08.23) पुलिस उपायुक्त जगदीश डावर की मौजूदगी में, सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की काउंसलर टीम के डॉक्टर आर डी यादव, पुरुषोत्तम यादव, रमेश शर्मा वी.डी. कुशगोतिया, सन्नी मोदी की टीम को कुल 7 प्रकरणों में से 6 प्रकरणों में निराकरण करने में सफलता मिली।प्रकरण क्रमांक 1 महत्वपूर्ण प्रकरणों में एम आई जी थाने के अंतर्गत 63 वर्षीय प्रबुद्ध वर्ग की समाज सेविका वृद्ध महिला के किराएदार द्वारा 2020 से किराया नहीं दिया एवं कब्जा जमा कर बैठा गया था और दादागिरी से बोलता था की किराया भी नहीं दूंगा खाली भी नहीं करूंगा। पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई से आज पुलिस पंचायत में काउंसलिंग के बाद , किराएंदार ने आज शाम तक ₹50,000/ की राशि देने एवं सितंबर में एवं अक्टूबर में 50 -50 हजार की राशि किराए की शेष राशि भुगतान करेगा कुल ₹ डेढ़ लाख की राशि भुगतान कर देगा एवं 15 सितंबर तक मकान भी खाली कर देगा ऐसी राजीखुशी से लिखित सहमति अनावेदक किराएदार द्वारा दी गई। प्रकरण क्रमांक 2 आजाद नगर थाने अंतर्गत रहने वाली बुजुर्ग 70 वर्षीय के बेटे ने मकान अपने पास रख रखा है खाली नहीं कर रहा था विवाद करता था । ऐसी शिकायत की गई थी। टीम द्वारा काउंसलिंग करने पर पुत्र द्वारा अपनी गलती स्वीकार करते हुए 20 अगस्त तक मकान खाली कर देने की सहमति काउंसलिंग के पश्चात दी गई।प्रकरण क्रमांक 3 एक अन्य प्रकरण में खजराना थाना के अंतर्गत रहने वाले बुजुर्ग स्वयं के नाम के मकान में कुछ कारणों से मजबूर उनकी विवाहिता पुत्री को तीसरी मंजिल पर रख रखा था।जिस पर बेटे को आपत्ति थी। इसी बात को लेकर आए दिन विवाद करना रोजमर्रा में शुमार हो गया था। टीम ने बेटे को समझाया कि मकान आपके पिताजी का है यह उनकी इच्छा पर निर्भर है और आपकी बहन वह भी तो आपके परिवार का ही हिस्सा है। समझाने के बाद पुत्र ने आगे से विवाद नहीं करने की बात मान ली एवं राजी मर्जी से पिता-पुत्र दोनों खुशी-खुशी ही रहेंगे ऐसी सहमति बनी। प्रकरण क्रमांक 4 थाना एमआईजी के अंतर्गत निवास करने वाली 74 वर्षीय विधवा वृद्धा के द्वारा शिकायत की गई थी उनके पुत्र और बहू के द्वारा मेरे मकान पर कब्जा कर लिया गया है। जिस पर पुलिस पंचायत में बहूं बेटे दोनों उपस्थित हुए और उनके द्वारा जानकारी दी गई कि माताजी ने यहां शिकायत करने के पश्चात मकान खाली करके अपने वरिष्ठ भाई कपड़ा मार्केट में शिफ्ट कर गई हैं। जिस पर उनके भाई के पुत्र का नंबर पुलिस के द्वारा ज्ञात किया गया और बात करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि वृद्धा के पति के स्वर्गवास के पश्चात वह मानसिक रूप से परेशान रहती हैं एवं किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा उनके बहुत सारे रुपये उनके पति के स्वर्गवास होने के पहले हड़प लिए हैं, जब से माता जी की स्थिति ठीक नहीं है वह अक्सर अवसाद और मानसिक तनाव में रहती हैं। पुत्र और बहू के द्वारा पुलिस पंचायत में काउंसलिंग के पश्चात कहा गया है कि हमारी सेवा में कोई त्रुटि नहीं होगी माताजी को ऐसा डर मानसिक रूप से व्याप्त हो गया है कि उनके लाकर से शायद हम जो उनके द्वारा रकम गहने रखे हुए हैं वह भी ले लेंगे किंतु लाकर उनकी माता जी के नाम पर ही है और जो मकान अभी खाली कर गई है वह भी उनके नाम का है हम नहीं बेचेंगे माताजी एवं उनके विश्वास पात्र भाई एवं उनके भाई के पुत्र को आगामी बुधवार को इस समस्या को जड़ से हल करने के लिए बुलाया गया है। उनके मानसिक अवसाद के उपचार के लिए भी उनके भाई के लड़के के द्वारा आज ही किसी चिकित्सक से परामर्श व उपचार कराने के संबंधी आदि बातों का आश्वासन दिया गया है। प्रकरण क्रमांक 5 इसी तरह एक अनूठा प्रकरण आया जिसके अंदर एक प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड अकाउंटेंट वृद्ध व्यक्ति के द्वारा अपनी शिकायत में बताया गया है कि मेरी पत्नी के नाम से जो मकान मैंने खरीदा गया था वह मकान मूल रूप से जिस वृद्ध व्यक्ति का था बैंक का कर्जा होने से बैंक के द्वारा उससे खाली कराकर नीलामी में किसी अन्य व्यक्ति को बेचा गया और उस व्यक्ति से इस बुजुर्ग व्यक्ति के द्वारा खरीद कर कब्जा प्राप्त किया गया था, किंतु उसमें रहने के लिए नहीं गए क्योंकि मकान में कुछ सुधार के कार्य किया जाना था। इसी दौरान कर्जदार व्यक्ति की पत्नी 63 वर्षीय वृद्धा ने उसमें गृहभेदन कर कब्जा जमा लिया गया। पुलिस थाने में एफ आई आर रिपोर्ट दर्ज होने के बादभी उसमें कोई प्रगति नहीं हुई है।अतः काउंसलिंग के दौरान बैठे डीसीपी मुख्यालय ने तुरंत संबंधित थाने को प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए एवं और यह भी कहा कि पुलिस के द्वारा उस महिला को अगले बुधवार को यहां भेजा जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति के समस्या के समाधान हेतु काउंसलिंग टीम के द्वारा एक और अच्छा प्रयास किया जाए। प्रकरण क्रमांक 6 परदेशीपुरा थाना अंतर्गत रहने वाली 63 वर्षीय अकेली रह रही वृद्धा ने भी शिकायत करी कि, पांच माह से उसके किराएदार के द्वारा किराया नहीं दिया गया एवं शराब पीकर प्रतिदिन विवाद करता है। अकेली वृद्धा का भरण पोषण का खर्चा उसके किराए से ही चलता था। जिस पर तुरंत डीसीपी मुख्यालय के द्वारा थाने पर फोन लगाकर निर्देशित किया गया कि संबंधित व्यक्ति को काउंसलिंग के लिए अगले हफ्ते बुधवार को लाया जाए एवं थाने पर भी काउंसलिंग की जाए और उसे किराए दिलवाने की कोशिश की जाए। इंदौर पुलिस के सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत, लगातार हर संभव प्रयास कर, बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की जाती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अविश्वास प्रस्ताव : मोदीशाही जीतकर भी हारी! बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की