राकेश सिंह यादव प्रदेशसचिव इंदौर की जनता को दिखा रहे हैं।विधानसभा चुनाव में फ़ायदे के लिए झूठी घोषणा मंत्री कर रहें हैं।म.प्र.कांग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाया हैं की इंदौर में मेट्रो के कार्य में बजट की व्यवस्था नहीं करने से मेट्रो का निर्माण कार्य सालों पिछड़ गया हैं।मुख्यमंत्री के सिपाहसलार मंत्री सिर्फ़ पिलर और ट्रेक स्लेब के कुछ हिस्से को बनाकर दावा कर रहे हैं की सितम्बर 2023 में इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन करेगें।सितम्बर 2023 में शिवराज सरकार खिलौने वाली मेट्रो ट्रेन बनाकर नेहरू पार्क में स्थित खिलौना ट्रेन के ट्रेक पर इंदौर की जनता को खिलौना मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन दिखाकर बहला फुसलाकर वोट हड़पने की कोशिश ज़रूर करेंगे । लेकिन असल में इंदौर की जनता को मेट्रो संपूर्ण निर्धारित रूट 31.55 किलोमीटर में सन 2032 तक भी शुरू नहीं हो पायेंगी।प्रदेश कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने दावा किया की अगर दुर्भाग्य से प्रदेश में शिवराज सरकार रही तो इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन सितम्बर 2024 के बाद भी कब होगा यह तय नहीं किया जा सकता है।इससे स्पष्ट होता हैं की भ्रम फैलाकर वोट हड़पने के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट में मंत्री और सांसद द्वारा बोगस बयानबाज़ी करके इंदौर की जनता को धोखा दिया जा रहा हैं ।इन बातों का उद्देश्य सस्ती लोकप्रियता हासिल करना हैं।जबकि मेट्रो निर्माण से जुड़ें एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी ने स्वीकार किया हैं की वर्तमान परिस्थितियों में 2024 के बाद भी कब तक मेट्रो निर्माण पूर्ण होकर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रायल रन शुरू किया जाएगा,यह भी अभी तय नहीं हैं।ऐसे में इंदौर की जनता को मेट्रो ट्रायल रन के संदर्भ में ग़लत जानकारी प्रदान करके जनता की भावनाओं से खेलने का कार्य किया जा रहा हैं।वर्तमान में मेट्रो प्रोजेक्ट में बेसिक पिलर एंव ट्रेक स्लेब सहित मात्र 24 प्रतिशत कार्य ही किया गया हैं।ऐसे में सितम्बर 2023 में मेट्रो का ट्रायल रन अगर शिवराज सरकार करके इंदौर की जनता को बतायेंगी तो मंत्री भूपेन्द्र सिंह को एक लाख रूपये का ईनाम देगें।शिवराज सरकार के मंत्री ने मेट्रो निर्माण से जुड़े कुछ गलत एंव झूठे दावे किये जा रहे हैं की मात्र 40 प्रतिशत निर्माण कार्य शेष हैं।प्रदेश कांग्रेस नेता यादव ने इंदौर मेट्रो निर्माण में देरी के लिए शिवराज सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया हैं।शिवराज सरकार द्वारा इंदौर मेट्रों प्रोजेक्ट का बंटाधार कर दिया हैं।वर्तमान हालातों में इंदौर की जनता को मेट्रो लगभग डेढ़ से दो साल तक उपलब्ध होने की दूर दूर तक संभावना नहीं हैं।सुपर कॉरिडोर पर 5.9 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सितम्बर 2023 में ट्रायल रन का दावा बोगस और झूठा हैं।मेट्रो स्टेशन अभी तक लापता हैं अगर मेट्रो प्रोजेक्ट में मंत्री द्वारा सितम्बर 2023 में ट्रायल रन के दावे को एक प्रतिशत भी गलती से सच मानें तो मेट्रो ट्रेन में फ़ायर ब्रिगेड की सीढ़ी से प्रवेश करना होगा।यह नजारा भी सातवें आश्चर्य से कम नहीं होगा।उल्लेखनीय हैं की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 14 सितम्बर 2019 को इंदौर में 7,500.80 करोड़ रूपये की कुल लागत वाली मेट्रो परियोजना के पहले चरण की नींव रखी थी।जिसके अंतर्गत इंदौर शहर में 31.55 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल ट्रेक बनाया जाना हैं।आज तक शिवराज सरकार के नेतृत्व में मात्र 24 प्रतिशत कार्य निर्धारित ट्रेक मार्ग पर किया गया हैं।शिवराज सरकार ने सत्ता में आने के बाद इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को रोक दिया गया।महीनों बिना वजह काम रोकने के बाद सुनियोजित षड्यंत्र के अंतर्गत 7,500.80 करोड़ बजट वाले मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्तमान वर्ष में इंदौर भोपाल की मेट्रो परियोजनाओं में मात्र 700 करोड़ का बजट दोनों मेट्रो प्रोजेक्ट हेतु दिया हैं ।यह बजट ऊँट के मुँह में जीरा साबित हो रहा है।इसी तरह 2021-22 में शिवराज सरकार में इंदौर – भोपाल मेट्रो ट्रेन के निर्माण कार्य हेतु मात्र 262 करोड़ का बजट देकर मेट्रो निर्माण की गति को नेस्तनाबूद कर दिया था।वर्तमान परिस्थितियों में जिस गति से मेट्रो का कार्य चल रहा हैं।इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता हैं की इंदौर में 31.55 किलोमीटर मे 29 स्टेशन में 23 स्टेशन एलिवेटेड और 6 स्टेशन अंडर ग्राउंड बनने की संभावना 2032 तक भी दिखाई नहीं दे रही हैं।यह मेट्रो प्रोजेक्ट का पूर्ण सत्य हैं।विधानसभा 2023 में अगर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आ गई तो ज़रूर समय सीमा में इंदौर की जनता का मेट्रो में सफ़र करने का सपना पूरा हो सकता हैं।वर्तमान शिवराज सरकार में सन 2032 तक भी इंदौर में मेट्रो का कार्य पूर्ण होने की संभावना नगण्य हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विपुस्था लोकायुक्त संभाग इंदौर की ट्रैप कार्रवाई। इंदौर ,आयुक्त हर्षिका सिंह द्वारा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 व शहर की सफाई व्यवस्था के संबंध में सीटी बस आफिस में बैठक ली गई।