संपादक । विनी आहुजा की कलम से✍✍ अहाते बंद होने से राजस्व भी होगा प्रभावित शराब दुकान लायसेंस लेने वालो की आयेगी कमी।इंदौर,मध्यप्रदेश में वर्ष 2023-24 में आबकारी नीति मे किये गये संशोधनो को लेकर सवाल उठने लगे है,और ये सवाल अब राजनीतिक नही रहा बल्कि जनता भी शिवराज सरकार से जानना चाहती है कि,अहाता मतलब की शराब पीने का स्थान जो 1अप्रैल से बंद किये जायेंगे तो फिर अहातो मे जाने वाली जनता कहाँ अपना ठिया बनायेगी।क्या इस शराब नीति मे इनके लिये कोई वैकल्पिक व्यवस्था का फैसला लिया गया है।और अगर नही कोई व्यवस्था है तो जाहिर है शराब पीनेवाले लोग अपने लिये स्थान तलाशेंगे।और वो स्थान सुनसान जगह ही हो सकती है,जैसे कोई खेत मैदान गलियाँ या घरों की छत भी हो सकती है।और जो शराब पीकर ढ़ेर हो जाते हैं बकबक करते है जाहिर हैं वो शहर की सड़कों मे डोलते माँ बहनो को छेड़ते नजर आयेंगे।तब जो अपराध का ग्राफ गिरने की बजाय बढ़ेगा उस पर सरकार क्या करेगी।सी एम साहब आपने कहा भाजपा की नीति नशे को हतोत्साहित करने की है,तो ये बहुत ही अच्छी बात है अगर ऐसा हो जाये।लेकिन इसके लिये तो फिर शहर के तमाम बार पब भी बंद करने चाहिए,ताकि नशे का अच्छे से सफाया हो जाये।इस पर भी कोई नीति बनना चाहिये,आज मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में हर उम्र के व्यक्ति नशे के आदी हो रहे हैं फिर चाहे वो शराब हो या दुसरे नशे की वस्तु।और सबसे अधिक इंदौर जो मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाती है यहाँ जो युवाओं का नशे की गर्त मे गिरने का स्तर है वो शर्मनाक है।इस स्तर को सही करने के लिये कोई नीति क्यूँ नही बनाई जा रही।क्या शहर के युवा ऐसे ही जीवन बर्बाद करते रहेंगे,और शहर की छवि खराब करते रहेंगे उस शहर की जो केवल स्वच्छता मे ही अव्वल नही पर हर अच्छे क्षेत्र मे अव्वल आने का दम रखता है।आप महिलाओं को कह रहे घर मे ढक्कन खुले तो हाथों मे डन्डे उठा लो,,,याने की घर मे अब इस शराब नीति की वजह से तान्डव होने लगे।अब महिलाओं को ये भी करना होगा….क्या होगा इससे आदमी शराब पीना बंद कर देंगे,,,नही मुख्यमंत्री महोदय ये तांडव परिवारों को बर्बाद करेगा,और हर घर मे एक मासूम एक अपराधी बनेगा।ये कैसी शराब नीति है जो सिर्फ हर जगह अपराधों को जन्म देगी ये कैसी जनता की भलाई है।और ये सब भी छोडिए…अहाते बंद होने से पूरे प्रदेश मे ना केवल अपराधो का ग्राफ बढ़ेगा,बल्कि सरकार के राजस्व मे गिरावट भी आयेगी। वजह अहातो के बंद होने से शराब दुकानो के लायसेंस लेने मे भी कमी आयेगी,जिससे राजस्व हर हाल मे प्रभावित होगा।अहाते होने से शराब दुकानें चल पाती थी,अब व्यापारी अपना घाटा करने के लिये तो लायसेंस नही लेगा। आपकी शराब नीति मे अब भी संशोधन की जरुरत है जनता की भलाई के लिये क्युकी मध्यप्रदेश आपका है सरकार, जनता आपकी है। प्रदेश और प्रदेश की जनता की भलाई आपको ही देखना है। जय भाजपा सरकार Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर बाल सुधार गृह से भागे 8 नाबालिग बालक। बिग ब्रेकिंग्..जिला कोर्ट इंदौर में आया वाइफ स्वेपिंग का मामला…