दलितों के दम पर बनती है सरकार, औद्योगिक राजधानी इन्दौर को चाहिए दलित शहर अध्यक्षअरविंद, गोलू के साथ दलित अध्यक्ष के रुप में नितेश नरवले का नाम भी उभरा।इन्दौर ! राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक सफलता के बाद राजस्थान में प्रवेश करने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपना पूरा ध्यान आगामी विधानसभा चुनाव में लगा लिया है, वे मजबूत संगठन के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से सत्ता छीनकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने को आतुर दिखाई दे रहे है, इसकी शुरुआत कमलनाथ संगठन में सक्रिय, निष्ठावान एवं जुझारु व्यक्तित्व के साथ सभी गुटों में सामन्जस एवं समन्वय बनाकर चलने वाले व्यक्तित्व को ही संगठन का दायित्व सौंपने ने मूंड में है. कांग्रेस सांसद एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश में निर्विघ्न पूर्ण होने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस संगठन आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन पर लगाम कसने की जुगत कर रहा है। प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस बदलाव करेगी। इंदौर शहर और जिले में भी बदलाव की कवायद तेज हो चुकी है, ऐसे में शहर कांग्रेस की दावेदारी में जहां टहले से पूर्व पार्षद गोलू अग्निहोत्री, अरविन्द बागड़ी और अमन बजाज के नाम सामने हैं, वहीं अब दलित समाज से एक और नाम सामने आने लगा है। वह नाम है वाल्मिक समाज के नितेश नरवरे का, जो वर्तमान मे मध्यप्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे हैं । इसी कड़ी में अब्बास नितेश नरवले का नाम भी शहर अध्यक्ष की दौड़ में सामने नजर आने लगा है। वैसे भी देखा जाए तो पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में बनी काग्रेस सरकार को बनाने में मालवा व निमाड़ का ही विशेष योगदान रहा है, और कांग्रेस की विचारधारा में अनुसूचित जाति/जन जाति वर्ग गहरा नाता रहा है, लेकिन कांग्रेस में अनुसूचित जाति वर्ग की घोर उपेक्षा के कारण दलित समाज कांग्रेस से नाराज है. ऐसे में इस वर्ग को साधकर रखना कांग्रेस के अतिआवश्यक भी है. हम मध्यप्रदेश की औद्योगिक एवं आर्थिक राजधानी इन्दौर की बात करें तो यहां अभी तक जितने भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं, उनमें उजागरसिंह चढ्डा एवं प्रमोद टंडन को छोड़ दिया जाए तो गंगाराम तिवारी से लेकर पंडित कृपाशंकर शुक्ला तक ब्राम्हण वर्ग से ही शहर कांग्रेस अध्यक्ष बने है, आज समय की मांग है कि इन्दौर जैसे शहर में कांग्रेस से उठेक्षा के शिकार हो रहे दलित समाज को साधने के लिए कांग्रेस को चाहिए कि वह दलित समाज के जुझारु व्यक्तित्व को शहर कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व सौंपे. अगर इन्दौर में दलित समाज के व्यक्ति को शहर अध्यक्ष बनाया जाता है तो मालवा – निमाड़ के साथ ही उज्जैन सम्भाग में भी इसका फायदा कांग्रेस को आगामी लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव में मिल सकता है. वैसे भी आई सालों से इन्दौर शहर में अनुसूचित जाति वर्ग से कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने की मांग पुरजोर तरीके से की जा रही है.दलित अध्यक्ष की मांग के बाद कांग्रेस पशोपेश में.अनुसूचित जाति से शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की बातों सामने आने के बाद कांग्रेस पेशोपेश में है कि इन्दौर जैसे शहर में किसे अध्यक्ष का दायित्व सौंपा जाए. ऐसे में दलित वर्ग से नितेश नरवले का नाम भी उभर कर सामने आ गया है, उल्लेखनीय है किया मध्यप्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष नितेश नरवले का ध्यान सांवेर विधानसभा पर भी लगा है। गौरतलब है कि सांवेर विधानसभा में हमेशा-हमेशा ही इंदौर के ही नेता चुनाव लड़ते आए है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अमृत काल: गुजरात मॉडल के साथ अब रामपुर मॉडल भी. आगाज एक नई सुबह का धेय्य वाक्य के साथ संस्था अदभुत कम्युनिटी एम्पोवेर्मेंट एंड वेलफेयर सोसायटी सेवा संकल्प.