नई दिल्ली। देश में 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में पिछले एक दशक के दौरान बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। NCRB के आंकड़ों पर आधारित NDTV Datafy की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015 में जहां बाल बलात्कार के 10,934 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 43,675 हो गई। यानी एक दशक में दर्ज मामलों की संख्या करीब चार गुना हुई है।रिपोर्ट के मुताबिक 2015 के बाद बाल बलात्कार के मामलों में लगातार बढ़ोतरी का रुझान देखा गया। वर्ष 2016 और 2017 में मामले करीब 17 हजार के आसपास रहे। 2018 और 2019 में यह संख्या 22 हजार से अधिक पहुंची। 2020 में करीब 28 हजार और 2021 में 28 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। 2022 में यह आंकड़ा करीब 38 हजार पहुंच गया, जबकि 2023 में भी मामले 38 हजार से अधिक रहे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 43,675 हो गई।पांच साल में करीब 3 लाख मामलेरिपोर्ट में NCRB के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि 2020 से 2024 के बीच POCSO कानून के तहत विभिन्न श्रेणियों में करीब 3 लाख मामले दर्ज किए गए। इनमें बाल बलात्कार के मामले सबसे अधिक रहे।इस अवधि में बाल बलात्कार के 1,83,372 मामले, गैर-प्रवेशकारी यौन उत्पीड़न के 96,505 मामले, छेड़छाड़ के 12,807 मामले, पोर्नोग्राफी के लिए बच्चों के उपयोग के 2,924 मामले और अन्य श्रेणियों के 3,034 मामले दर्ज किए गए।ये आंकड़े दर्ज मामलों को दर्शाते हैं। इनका अर्थ यह नहीं है कि सभी मामलों में अपराध अदालत में साबित हो चुका है। रिपोर्ट में प्रस्तुत आंकड़े NCRB के रिकॉर्ड पर आधारित हैं। स्रोत: NCRB के आंकड़ों पर आधारित NDTV Datafy रिपोर्टग्राफिक: मुदिता सिंह और शुभम सिंह, NDTV Datafy Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, CCTV और कमरे से मिले ग्राइंडर ने बढ़ाए सवाल गधे की फोटो से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने का दावा, NSUI ने उठाए सवाल