नई दिल्ली, 15 मार्च 2026 — केंद्र सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को बेहतर बनाने और वैश्विक संकट के बीच LPG की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचना जारी कर Liquefied Petroleum Gas (Regulation of Supply and Distribution) Amendment Order, 2026 लागू किया है।

इस नए नियम के तहत:

  • जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, वे अब घरेलू LPG सिलेंडर नहीं रख सकते।
  • ऐसे उपभोक्ताओं को तुरंत अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
  • PNG वाले घरों को LPG सिलेंडर के रिफिल नहीं मिलेंगे, और न ही नए LPG कनेक्शन दिए जाएंगे।
  • सरकारी ऑयल कंपनियां (जैसे इंडेन, भारतगैस, HP गैस) या उनके डिस्ट्रीब्यूटर ऐसे उपभोक्ताओं को रिफिल या नया कनेक्शन देने से मना कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि यह कदम Essential Commodities Act के तहत उठाया गया है, क्योंकि पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी तनाव और Strait of Hormuz जैसे रूट्स पर संकट के कारण वैश्विक स्तर पर LPG और अन्य ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो रही है। PNG वाले घरों को पहले से ही सस्ती और लगातार गैस मिल रही है, इसलिए LPG (जो सब्सिडी वाली है) को सिर्फ उन घरों के लिए बचाया जा रहा है जो सिर्फ सिलेंडर पर निर्भर हैं। इससे LPG की किल्लत कम होगी और जरूरतमंदों तक बेहतर पहुंच होगी।

यह नियम सही है या गलत?
यह नियम सही और व्यावहारिक लगता है, खासकर मौजूदा परिस्थिति में।

  • सही क्यों? बहुत से शहरों में PNG उपलब्ध है, जो सिलेंडर से सस्ता, सुरक्षित और लगातार मिलता है। दोहरे कनेक्शन से LPG की सब्सिडी वाली सप्लाई बर्बाद होती है, जबकि जरूरतमंद (जैसे ग्रामीण या PNG न होने वाले इलाकों के लोग) प्रभावित होते हैं। सरकार का मकसद पारदर्शिता, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल और संकट में LPG बचाना है। कई देशों में ऐसे नियम पहले से हैं जहां पाइपलाइन गैस होने पर सिलेंडर नहीं दिया जाता।
  • गलत क्यों लग सकता है? कुछ लोगों को PNG में कभी-कभी गैस सप्लाई बाधित होती है (मेंटेनेंस, दबाव कम होना आदि), या PNG महंगा लग सकता है। ऐसे में बैकअप के रूप में LPG रखना सुविधाजनक होता है। लेकिन नियम में कोई छूट नहीं दी गई है, जो कुछ परिवारों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय हित में यह जरूरी कदम है, लेकिन लागू करने में लचीलापन (जैसे अस्थायी बैकअप) बेहतर होता।

जब PNG लाइन में गैस नहीं आए तब क्या?
अगर PNG लाइन में गैस सप्लाई बाधित हो जाए (जैसे मेंटेनेंस, तकनीकी खराबी, या कम दबाव), तो नियम के अनुसार भी LPG सिलेंडर इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे क्योंकि कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है। ऐसे में:

  • आपको PNG कंपनी (जैसे Indraprastha Gas, Mahanagar Gas आदि) से संपर्क कर समस्या ठीक करवानी होगी।
  • वैकल्पिक रूप से, इलेक्ट्रिक इंडक्शन/हीटर, माइक्रोवेव या अन्य ईंधन (जैसे केरोसिन, अगर उपलब्ध) का सहारा लेना पड़ सकता है।
  • सरकार/कंपनी आमतौर पर ऐसी स्थिति में जल्द सुधार करती है, लेकिन लंबे समय तक बाधा होने पर असुविधा हो सकती है। इसलिए, नियम लागू होने से पहले ही PNG पर पूरी तरह निर्भर होने वाले परिवारों को बैकअप प्लान रखना चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना या पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट चेक करें।