आईटी प्रोफेशनल संघ कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

इंदौर।पंकज शर्मा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के जीवन में उत्कृष्टता और आदर्शवादी के संचार को बनाए रखने के लिए समय-समय पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इसी कड़ी में शहर के उन संघ के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा जो आईटी के क्षेत्र में अपनी कार्यकुशलता के दम पर स्थापित है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक ने अपना उद्बोधन भी दिया।

संघ कार्यालय से जारी विज्ञप्ति

इस संबंध में संघ कार्यालय से जारी विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार इन्दौर के आईटी प्रोफेशनल का प्रकट उत्सव स्कीम नंबर 78 में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में आईटी श्रेणी के 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने शारीरिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। इन्दौर महानगर में विगत वर्षों से आईटी श्रेणी के स्वयंसेवक साप्ताहिक मिलन करते हैं तथा आज के प्रकट कार्यक्रम की तैयारी विगत तीन माह से चल रही थी।

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक मुकुल कानिटकर
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक मुकुल कानिटकर थे ,उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान की सबसे अहम समस्या मन का नियंत्रण है जो अत्यंत कठिन है।सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के मनोभाव को प्रभावित कर रहा है। परंतु जब आप स्वयं तय करके सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, तब वह आपके नियंत्रण में रहता है।  तथा इसका सदुपयोग स्वयं व समाज के लिए तब सकारात्मक व सार्थक होता है।


अभ्यास व वैराग्य के द्वारा ही मन का नियंत्रण संभव है।
अभ्यास जब जीवन का अंग बन जाए तो वह चरित्र निर्माण करता है क्योंकि आनंद के साथ, नियंत्रण के साथ, निरंतर साधनापूर्क किया अभ्यास सरलता से चरित्र निर्माण करता है। यही शाखा की सहज पद्धति है जिसमें नियमित सम्मिलित होकर स्वयंसेवक के मन,शरीर व बुद्धि का विकास होता है।
शाखा में एक घण्टे का कालखण्ड संकल्प के साथ पूर्ण करके भगवा ध्वज को गुरु मानकर भारत माता की सेवार्थ स्वयंसेवक अपनी सहज साधना करता है।


सकारात्मक सोच से ही राष्ट्र निर्माण संभव होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू संस्कृति, धर्म व समाज को सक्षम बनाकर ही परम वैभव की प्राप्ति होगी।
किसी भी विषय या घटना को लेकर समाज में विभाजन नहीं होना चाहिए। सभी समस्याओं का हल संवाद व सद्बुद्धि से सरलता से हो सकता है। हमें आपसी सौहाद्र को बढाकर समरस समाज का निर्माण करना है। अपनी कुटुंब व्यवस्था को आधार बनाकर ही सामर्थ्यवान समाज बनेगा। राम,कृष्ण,ध्रुव व प्रह्लाद की कथाओं को बाल्यकाल से सुनकर देश का ऊर्जावान युवा तैयार होता है।पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता प्रत्येक स्तर पर बढ़ना है तथा स्वदेशी के भाव को समाज में पुनर्स्थापित करना है। नागरिक कर्तव्य व नियमों के पालन में हमें आनंद की अनुभूति होना चाहिए। पंच परिवर्तन के सभी विषयो को आत्मसात करके स्वयं व परिवार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इनोये टेक्नोलॉजी के संस्थापक संदीप नीमा के साथ ही इन्दौर विभाग के संघ चालक डॉक्टर मुकेश मोढ और स्वप्निल परख्या उपस्थित थे।