कई राजस्व निरीक्षकों-बिल कलेक्टरों के जोन-वार्ड बदले, तत्काल प्रभाव से लागू

इंदौर, प्रदीप चौधरी।। 24 फरवरी 2026: नगर निगम इंदौर के राजस्व विभाग में प्रशासकीय सुविधा और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। नगर आयुक्त ( ख्यातिज सिंघल या वर्तमान आयुक्त) के कार्यालय से जारी दो अलग-अलग आदेशों (क्रमांक 732/एम.सी./2026 और 733/एम.सी./2026) के तहत राजस्व निरीक्षकों, सहायक निरीक्षकों तथा बिल कलेक्टरों के कार्यक्षेत्र (जोन/वार्ड) में बड़े बदलाव किए गए हैं। ये आदेश दिनांक 23 फरवरी 2026 को जारी हुए और तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

आदेश क्रमांक 732/एम.सी./2026 के प्रमुख बदलाव 
इस आदेश में मुख्य रूप से सहायक राजस्व निरीक्षकों के जोन आवंटन बदले गए हैं: 
–  मयूर पाटीले (सहायक राजस्व निरीक्षक) को जोन क्रमांक 01 से 11 तक का प्रभार सौंपा गया है। 
–  अजीम खान (सहायक राजस्व निरीक्षक) को जोन क्रमांक 12 से 22 तक का दायित्व दिया गया है। 

ये दोनों अधिकारी अब अपर आयुक्त/उपायुक्त (राजस्व) के अधीन कार्य करेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव विभागीय कार्यों के बेहतर प्रबंधन और प्रशासकीय दृष्टि से किया गया है।

आदेश क्रमांक 733/एम.सी./2026 के प्रमुख बदलाव 
इसमें बिल कलेक्टर और अन्य संबंधित पदों पर फेरबदल हुआ है: 
– कपिल दुबे (सहायक राजस्व निरीक्षक) → परिषद कार्यालय, बिल कलेक्टर जोन क्रमांक 10। 
– प्रभात शिवहरे (सहायक राजस्व निरीक्षक) → रिमूवल, बिल कलेक्टर जोन क्रमांक 06, वार्ड क्रमांक 25। 
–  ललित मालवीय (सहायक राजस्व निरीक्षक) → रिमूवल, बिल कलेक्टर जोन क्रमांक 11, वार्ड क्रमांक 55। 
–  गौतम मालवीय (शाला प्रकोष्ठ) → बिल कलेक्टर जोन क्रमांक 12, वार्ड क्रमांक 61। 

ये कर्मचारी अपर आयुक्त/उपायुक्त/क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों के निर्देशन में संपत्ति कर, बिल वसूली और संबंधित कार्य संभालेंगे।

क्यों हुए ये बदलाव?
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, ये फेरबदल राजस्व वसूली को मजबूत करने, जोन-वार कार्यभार के संतुलन और विभागीय दक्षता बढ़ाने के लिए किए गए हैं। हाल के महीनों में राजस्व विभाग पर संपत्ति कर संग्रह और बकाया वसूली का दबाव बढ़ा है, साथ ही महापौर स्तर पर निरीक्षण भी हुए हैं। नए आवंटन से कार्यक्षेत्र स्पष्ट होकर वसूली और निरीक्षण में सुधार की उम्मीद है।

ये बदलाव नगर निगम के राजस्व विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को प्रभावित करेंगे, लेकिन इससे आम नागरिकों को संपत्ति कर, जलकर आदि भुगतान में बेहतर सुविधा मिल सकती है। नगर निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजकर तत्काल अनुपालन के निर्देश दिए हैं।

अधिक जानकारी के लिए नगर निगम इंदौर के राजस्व विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क किया जा सकता है।