अधिकारियों को सिंथेटिक ड्रग्स, जप्ती प्रक्रिया और त्रुटिरहित विवेचना का प्रशिक्षण; नशे के खिलाफ शपथ
इंदौर। विशेष प्रतिनिधि।। मध्य प्रदेश पुलिस नारकोटिक्स विंग इंदौर ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और सशक्त बनाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का शुभारंभ उप पुलिस महानिरीक्षक महेश चंद जैन ने किया।
यह कार्यशाला अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स विंग) डी. श्रीनिवास वर्मा के निर्देश पर आयोजित की गई। मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का सटीक पालन सुनिश्चित कर तस्करों, पेडलरों और मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों के खिलाफ त्रुटिरहित एवं प्रभावी कार्रवाई करना था।
मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी (विशेष न्यायालय, उज्जैन) नितेश कृष्णन ने एनडीपीएस एक्ट के प्रमुख प्रावधान, विवेचना की विधि, जप्ती प्रक्रिया और अभियोजन से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
फार्मास्यूटिकल एक्सपर्ट अमित ठक्कर ने सिंथेटिक ड्रग्स के बारे में पीपीटी प्रस्तुति के जरिए गहन जानकारी साझा की। कार्यशाला में शामिल सभी अधिकारियों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई।
कार्यशाला में मंडला, रायसेन, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और नारकोटिक्स विंग इंदौर के उप निरीक्षक व निरीक्षक स्तर के करीब 50 से अधिक अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला का संचालन उप पुलिस अधीक्षक संतोष हाड़ा ने किया, जबकि उप निरीक्षक अजय शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
यह प्रशिक्षण नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
