दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा में पति ने डंबल से पीट-पीटकर की हत्या; चार महीने की गर्भवती कमांडो की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया



नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात SWAT कमांडो काजल चौधरी (27), जो आतंकवादियों से लड़ने और देश की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित थीं, उन्हें अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रहने दिया गया। चार महीने की गर्भवती काजल की कथित तौर पर उनके पति अंकुर चौधरी ने दहेज विवाद में डंबल से सिर पर वार कर हत्या कर दी। यह घटना 22 जनवरी 2026 को पश्चिम दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में हुई, जहां काजल को पहले दरवाजे की चौखट से सिर टकराया गया और फिर भारी डंबल से बार-बार हमला किया गया।

परिवार के अनुसार, शादी के बाद से ही अंकुर और उसके परिजनों द्वारा दहेज की मांग और घरेलू हिंसा जारी थी। काजल ने अपनी मां और भाई निखिल को कई बार इसकी शिकायत की थी, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई। हत्या के समय अंकुर ने काजल के भाई निखिल को फोन किया और कहा, “यह कॉल रिकॉर्ड कर लो, मैं इसे मार रहा हूं।” फोन पर काजल की चीखें सुनाई दीं, जिसके बाद लाइन कट गई। काजल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन 27 जनवरी को उनकी मौत हो गई।

दिल्ली पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील कर दिया है और आरोपी अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। काजल 2022 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई थीं और स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (SWAT) यूनिट में अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती थीं। वे एक 1.5 साल के बच्चे की मां भी थीं।

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिलाओं की असुरक्षा पर गहरा सवाल खड़ा करती है। एक ऐसी महिला, जो बाहर के खतरों से लड़ने के लिए तैयार थी, घर के भीतर ही असुरक्षित रह गई। परिवार और समाज अब इंसाफ की मांग कर रहा है।

सवाल एक ही – इंसाफ कब मिलेगा?
काजल जैसी बहादुर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों और सामाजिक जागरूकता की जरूरत है।