इंदौर/खंडवा। प्रदीप चौधरी। लंबे समय से हादसों का पर्याय बने इंदौर-खंडवा राजमार्ग के भेरूघाट को अब पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। चारधाम प्रोजेक्ट के तहत बन रहे इस नए हाईवे में भेरूघाट की खतरनाक चढ़ाई-उतराई की जगह नर्मदा नदी से भी ऊँचा वायडक्ट और तीन टनल बनाई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और सिर्फ 20 प्रतिशत काम बचा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि भेरूघाट में हर साल दर्जनों जानलेवा हादसे होते थे। ब्रेक फेल होने और तेज चढ़ाई के कारण भारी वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते थे। नए डिजाइन में घाटी को पूरी तरह बायपास करते हुए तीन टनल बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर होगी। इसके अलावा नर्मदा नदी के ऊपर 60-70 मीटर ऊँचा वायडक्ट बनाया जा रहा है, जो नदी के जलस्तर से कहीं ज्यादा ऊपर होगा। इससे बरसात में भी आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। View this post on Instagram विशेष बात यह है कि वायडक्ट को “क्रैश-रेसिस्टेंट” डिजाइन दिया गया है। यदि कोई वाहन अनियंत्रित होकर भी रेलिंग से टकराए तो वह सीधे नीचे नहीं गिरेगा। साथ ही टनल के अंदर आपातकालीन निकासी मार्ग, वेंटिलेशन और आग बुझाने की अत्याधुनिक व्यवस्था रहेगी। स्थानीय लोगों में खुशी की लहरसिमरोल, चोरल और भेरूघाट के ग्रामीणों ने बताया कि दशकों से इस घाट ने सैकड़ों लोगों की जान ली है। “अब रात में भी बिना डर के आना-जाना हो सकेगा,” एक ट्रक ड्राइवर ने खुशी जताई। 2026 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद.!NHAI अधिकारियों का दावा है कि 2026 के मध्य तक इंदौर-खंडवा-बुरहानपुर चारधाम प्रोजेक्ट का यह सबसे कठिन हिस्सा पूरा हो जाएगा। इसके बाद इंदौर से खंडवा की दूरी भी कम हो जाएगी और यात्रा का समय 30-40 मिनट तक घट जाएगा। भेरूघाट जल्द ही सिर्फ यादों में रह जाएगा और उसकी जगह लेगा आधुनिक, सुरक्षित और तेज राजमार्ग। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विश्व पर्यटक स्थल मांडू में विश्व धरोहर सप्ताह के तहत चित्रकला प्रतियोगिता हुई संपन्न सिर्फ प्रतीक नहीं, एक जीवंत दर्शन हैं बिरसा मुंडा