केरल। V. D. Satheesan को कांग्रेस ने केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं, जिन पर अब विराम लग गया है।साल 2021 में विपक्ष के नेता बनाए गए वीडी सतीशन ने विपक्ष में रहते हुए लगातार जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनकी सक्रिय राजनीति, जनसंपर्क और संगठन में मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कई विधायक K. C. Venugopal के समर्थन में थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने संगठन और जनता के मूड को प्राथमिकता देते हुए सतीशन को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी जीत में सतीशन की भूमिका अहम रही। उनकी जनप्रिय छवि, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का समर्थन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें राज्य की कमान सौंपने का फैसला लिया। संघर्ष से मुख्यमंत्री बने वी. डी. सतीशन, केरल की राजनीति में नया अध्यायV. D. Satheesan को आज केरल का नया मुख्यमंत्री चुना गया। उनकी राजनीतिक यात्रा को संघर्ष, संगठन और जमीन से जुड़े नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है।वी. डी. सतीशन किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते और न ही उन्हें विरासत में सत्ता मिली। उन्होंने राजनीति की शुरुआत पोस्टर लगाने और छात्र राजनीति से की थी। लंबे समय तक उन्होंने सड़क पर आंदोलन किए, विरोध और हार का सामना किया, लेकिन राजनीति में कभी शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाया।जब कई नेता बड़े मंचों और प्रचार में व्यस्त थे, तब सतीशन अपने क्षेत्र की जनता के बीच भरोसा बनाने में जुटे रहे। यही भरोसा समय के साथ उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया।साल 2021 में कांग्रेस की बड़ी हार के बाद पार्टी को कमजोर माना जा रहा था, लेकिन उसी दौर में वी. डी. सतीशन लगातार जनता के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे। विधानसभा से लेकर सड़कों तक उन्होंने विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाई।अब कांग्रेस द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने को संघर्ष और जमीनी राजनीति की जीत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला उन लाखों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है, जो बिना किसी बड़े राजनीतिक नाम के राजनीति में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जुलूस के दौरान आरोपियों के हंसते नजर आने पर उठे सवाल, क्या खत्म हो रहा पुलिस का डर? वाहन रैली पड़ी भारी, बीजेपी किसान मोर्चा भिंड जिलाध्यक्ष की नियुक्ति निरस्त