भोपाल, मुस्ताअली बोहरा।। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच देश में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत ने भोपाल की आम जनता की रसोई को संकट में डाल दिया है। कई गैस एजेंसियां अब खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त दिख रही हैं, जहां बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे, लेकिन इन्हें अधिक दाम पर किसी और को दिया जा रहा है।

शहर में गैस की कमी लगातार बनी हुई है। उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचते हैं तो विवाद की नौबत आ जाती है। सिलेंडर मुख्य रूप से उन लोगों को दिए जा रहे हैं जिनके सालाना 12 सिलेंडर कोटे में जगह बाकी है और पिछली डिलीवरी के 25 दिन से अधिक हो चुके हैं। भोपाल जिले में कुल 46 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें से 25 से अधिक इंडेन की हैं और इनके उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

लोगों का कहना है कि युद्ध जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे, ऐसे में सिलेंडर के बिना खाना बनाना मुश्किल हो गया है। दिहाड़ी मजदूरों के सामने तो दोहरी मार है—न काम पर जा पा रहे हैं और न सिलेंडर मिल रहा है। रमजान के महीने में और ईद नजदीक होने से मुस्लिम समुदाय के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं।

खासकर पुराने भोपाल में एचपी गैस एजेंसियों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। एक उपभोक्ता ने सबूत दिखाते हुए बताया कि उसने मोबाइल से बुकिंग की थी, लेकिन 12 मार्च को मैसेज आया कि सिलेंडर डिलीवर हो गया, जबकि उन्हें सिलेंडर मिला ही नहीं। ऐसे कई उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां बुकिंग किसी की लेकिन सिलेंडर किसी और को ब्लैक में बेचा जा रहा है।

प्रशासन ने भी कालाबाजारी पर शिकंजा कसा है। एसडीएम रविशंकर राय ने दो ट्रक और एक अन्य ट्रक से कुल 481 सिलेंडर जब्त किए। एमपी नगर में विनीत गैस एजेंसी से 206 कमर्शियल सिलेंडर मिले, जबकि कोलार पुलिस ने 25 सिलेंडरों से भरी अवैध बोलेरो पकड़ी।

यह संकट वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल तनाव से जुड़ा है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि आम आदमी की रसोई न ठप हो।