झारखंड –

एक दर्दनाक हादसे में एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें डॉक्टर सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब विमान मरीज को लेकर निर्धारित गंतव्य की ओर जा रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और जमीन से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और आसपास अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन सभी सवारों को बचाया नहीं जा सका।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस हादसे ने स्वास्थ्य सेवाओं और एयर एंबुलेंस संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री ने निर्देश दिया है कि संबंधित चार्टर कंपनी के सभी दस्तावेज, विमान का रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा प्रमाणपत्र, डीजीसीए के नियमों का पालन, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और पायलट के उड़ान अनुभव की विस्तार से जांच की जाए। अगर किसी भी तरह की लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह हादसा एक चेतावनी है और चार्टर विमानों की सुरक्षा जांच को और कड़ा करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। डॉ. अंसारी ने यह भी कहा कि अगर झारखंड में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, रिम्स-2 (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की विस्तार योजना), ट्रॉमा सेंटर और बेहतर एयर एंबुलेंस सुविधा होती, तो मरीजों को दूसरे राज्यों में भेजने की जरूरत कम पड़ती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में बड़े और आधुनिक अस्पताल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।