झूठी अफवाह फैलाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई शुरू
इंदौर, 20 फरवरी 2026: भंवरकुआ थाना क्षेत्र के जीत नगर में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बच्चा चोर समझकर स्थानीय लोगों द्वारा हाथापाई का शिकार बनाया गया। पुलिस की संवेदनशीलता, सोशल मीडिया के सहयोग और त्वरित कार्रवाई से महिला को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों से मिलाया गया है।
घटना के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को थाना भंवरकुआ क्षेत्र अंतर्गत जीत नगर में एक महिला रेखा (पति सुंदरलाल), उम्र 40 वर्ष, निवासी रेलवे रोड पूर्व दीनदयाल नगर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) को क्षेत्र में अकेले घूमते देखा गया। क्षेत्र के कुछ निवासियों ने संदेहवश उसे बच्चा चोर समझ लिया और उसे जबरन थाने पहुंचाया।
पुलिस द्वारा प्रारंभिक पूछताछ और सत्यापन में महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त पाई गई। थाना पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ मामले को संभाला और महिला की तस्वीर व जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की। इस प्रयास से सूचना उसके परिजनों तक पहुंची।
घटना में शामिल कुछ व्यक्तियों द्वारा महिला के साथ हाथापाई और अपमानजनक व्यवहार किए जाने की पुष्टि होने पर थाना भंवरकुआ में अपराध क्रमांक 201/2026 के तहत धारा 223 बी.एन.एस. के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही झूठी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
18 फरवरी 2026 को महिला के परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक दस्तावेजी सत्यापन और औपचारिकताओं के बाद 19 फरवरी 2026 को महिला को उसके पिता किशनलाल (उम्र 50 वर्ष), निवासी रेलवे रोड पूर्व दीनदयाल नगर, मेरठ के सुपुर्द सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
इंदौर पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें। ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में स्वयं निर्णय लेने या हिंसा का सहारा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या 100/112 पर सूचना दें। इससे निर्दोष व्यक्तियों को अनावश्यक परेशानी और खतरे से बचाया जा सकता है।
इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा और संवेदनशीलता के प्रति प्रतिबद्ध है।
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सोशल मीडिया और पुलिस की तत्परता से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को परिजनों से मिलाया
